फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Exclusive: देश के सबसे हाईटेक कमांडोज को मिली कश्मीर घाटी को आतंक मुक्त करने की जिम्मेदारी

Sat, 05 Aug 2017 12:41 AM IST
श्रेयांश त्रिपाठी,अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र
विज्ञापन
कश्मीर में आतंक के अंत के लिए सरकार और सेना अब एक निर्णायक लड़ाई की तैयारी कर चुके हैं। पिछले कई दिनों से कश्मीर के विभिन्न इलाकों में कई मुठभेड़ में लश्कर, हिजबुल मुजाहिद्दीन और अन्य संगठनों के आतंकियों का खात्मा इसी लड़ाई का हिस्सा है। 
विज्ञापन


दरअसल कश्मीर में आतंक के अंत के लिए सरकार और सेना अब किसी भी तरह की कोताही बरतने की तैयारी में नहीं है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार कश्मीर में सेना को आतंकियों के अंत के लिए तमाम संसाधनों की उपलब्धता देने के इंतजाम केंद्र की ओर से किए गए हैं। 

वहीं कश्मीर में आतंक के प्रभावित इलाकों में सेना के साथ काउंटर इंसरजेंसी ऑपरेशन के लिए देश की विशेष सिक्योरिटी फोर्सेज के स्पेशल कमांडोज के दस्तों को भी तैनात किया गया है। सूत्रों के अनुसार सेना की राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट के साथ अब कश्मीर में पैरा स्पेशल फोर्सेज और भारतीय सेना के स्पेशल मरीन फोर्स मारकोस के कमांडोज की तैनाती भी की गई है। 
विज्ञापन

सबसे सटीक ट्रेनिंग और घातक हथियारों से लैस कमांडोज की तैनाती

डेमो पिक
दरअसल इन कमांडोज को सेना की राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट के जवानों के साथ स्पेशलाइज्ड ऑपरेशन के लिए तैनात किया गया है। हाइटेक हथियारों, विशेष ट्रेनिंग और सटीक मारक क्षमताओं के साजो सामान से लैस देश के इन कमांडोज को आतंकियों के मंसूबों का समूल नाश करने के लिए बुलाया गया है। 

जानकारी के मुताबिक सेना के ऑपरेशन ऑल आउट के तहत उन टॉप कमांडरों का अंत नियत कर दिया गया है जो कश्मीर में आतंक को पालने का काम कर रहे थे। इस 258 आतंकियों की लिस्ट में 120 का अंत हो चुका है। कश्मीर में आतंकियों के मंसूबे टूटने लगे हैं और उन सरपरस्त कमांडरों के भी जो कि कश्मीर में दहशत फैलाकर इसे मुख्यधारा से दूर रखना चाहते थे। 

आतंक का गढ़ बन रहे दक्षिण कश्मीर में उतारे गए स्पेशल कमांडो

File Photo
सुरक्षा एजेंसियों ने जिन कमांडोज को कश्मीर में आतंक के खिलाफ विशेष ऑपरेशन के लिए तैनात किया है उनका सबसे पहला लक्ष्य दक्षिण कश्मीर के उन तमाम इलाकों को आतंक मुक्त करना है जो कि पिछले कई सालों से हिजबुल और लश्कर का गढ़ कहे जाते रहे हैं। 

पिछले दिनों सेना के द्वारा शोपियां में हजारों जवानों के साथ शुरु किए गए सर्च ऑपरेशन के समय से ही इस धारा में काम किया जाने लगा है। इस क्रम में कश्मीर के शोपियां, पुलवामा, कुलगाम और अनंतनाग जिलों में आतंकियों के हर ठिकाने की तलाश की जा रही है। 
विज्ञापन

LoC पर पाकिस्तानी दहशतगर्दों को नेस्तनाबूत कर रहे पैरा कमांडो

File Photo
एलओसी के रास्ते घुसपैठ रोकने में भी सेना के साथ पैरा स्पेशल फोर्सेज के कमांडोज को तैनात किया जा रहा है। पिछले दिनों कुपवाड़ा के नौगाम और बांदीपोरा के गुरेज सेक्टरों में एलओसी पार से घुसपैठ कर रहे तमाम आतंकियों को इन स्पेशल कमांडोज और सेना के संयुक्त ऑपरेशन में मार गिराया गया है। ऐसे में अब ये साफ हो रहा है कि कश्मीर में सरकार और सेना दोनों ही आतंकियों के स्थानीय और विदेशी नेटवर्कों को समूल नष्ट करने में जुटी है और बड़ी बात ये कि इसके लिए सभी प्रकार के फैसले बिना देरी के लिए जा रहे हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें