केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को सूचित किया कि चार संगठनों द रेजिस्टेंस फ्रंट, पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट, जम्मू-कश्मीर गजनवी फोर्स और खालिस्तान टाइगर फोर्स को वर्ष 2023 में अब तक प्रतिबंधित घोषित किया जा चुका है।
भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी के एक सवाल के लिखित जवाब में राय ने बताया कि वर्ष 2023 में अब तक चार संगठनों को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन के रूप में अधिसूचित किया गया है और उनके नाम अधिनियम की पहली अनुसूची में जोड़े गए हैं।
वर्ष 2019 में अस्तित्व में आया लश्कर का सहयोगी आतंकी संगठन टीआरएफ जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा बल के जवानों और निर्दोष नागरिकों की हत्याओं की योजना में शामिल रहा है। इसमे शामिल लोग आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने के साथ सक्रिय आतंकियों को हथियार, परिवहन, आतंकवादियों की भर्ती और हथियारों के साथ नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल है।
आतंकवादी संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एक छद्म संगठन है और 2019 में अस्तित्व में आया था। यह युवाओं के कट्टरपंथीकरण करने में शामिल रहा है। यह जम्मू - कश्मीर समेत भारत के अन्य प्रमुख शहरों में कार्य करता है।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री राय ने उच्च सदन को आगे सूचित किया कि जम्मू- कश्मीर गजनवी फोर्स 2020 में एक आतंकवादी संगठन के रूप में सामने आया। राय ने आगे कहा कि अब तक 54 आतंकवादी और 44 आतंकवादी संगठनों को क्रमशः फरवरी 2023 तक यूएपीए की चौथी अनुसूची और पहली अनुसूची के तहत सूचीबद्ध किया गया है।