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जम्मू-कश्मीर की अदालतों में दो लाख से अधिक मामले लंबित

Fri, 20 Jan 2017 12:23 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
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अदालतों में दो लाख से अधिक मामले लंबित - फोटो : फाइल फोटो
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जम्मू-कश्मीर की अदालतों में दो लाख से अधिक मामले लंबित हैं। इनमें से हाईकोर्ट में 59,404 और अन्य अदालतों में 1,45,999 मामलों का निष्पादन नहीं हो सका है। विधि और न्याय मंत्री अब्दुल हक खान का कहना है कि अदालतों में बड़ी संख्या में मुकदमे लंबित होने की स्थिति पूरे देश में है।
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वैसे रियासत सरकार इन मामलों के निस्तारण के लिए कदम उठा रही है। न्यायिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके साथ सभी अदालतों के कंप्यूटरीकरण का काम भी चल रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इन कार्यों के पूरा होने पर लंबित मुकदमों की संख्या घटेगी। 

रियासत आतंकवाद से प्रभावित रही है। नतीजतन त्वरित तरीके से मामलों का निष्पादन नहीं होने से कई दिक्कतें पैदा होती हैं। केंद्र सरकार ने रियासत के लिए 38 अतिरिक्त विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट और स्टाफ के लिए फंड उपलब्ध कराया है। 
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लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए निर्देश

लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए निर्देश - फोटो : डेमो फोटो
मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न स्तर पर नई अदालतों के गठन, लोक अदालतों में मुकदमों को निपटाने जैसे कदम भी उठाए गए हैं। आतंकवाद प्रभावित हंदवाड़ा और सोपोर में दो अतिरिक्त जिला कोर्ट स्थापित किए गए हैं।

इस साल 239 लोक अदालतों में 40,518 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में 25 करोड़ 70 लाख रुपये पीड़ितों को दिलाए गए। रियासत की 22 देही अदालतों (ग्रामीण न्यायालयों) के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।

श्रीनगर में नए जिला कोर्ट परिसर के लिए 120 करोड़ 28 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इनमें से 98 करोड़ 33 लाख रुपये जारी हुए हैं। बकौल मंत्री 93 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।
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​महिलाओं को त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था

त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था - फोटो : डेमो फोटो
रियासत के 25 विभागों ने विधि विभाग को नए नियम बनाने, पुराने नियमों की समीक्षा और भर्ती की नियमावली का प्रस्ताव दिया है। विधि विभाग ने सभी संबंधित विभागों के नियमों में संशोधन का काम पूरा कर लिया है। फारेस्ट डिपार्टमेंट के प्रस्ताव पर काम चल रहा है।

रियासत में न्यायिक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 996.55 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इन कार्यों में जम्मू में हाईकोर्ट परिसर में लायर्स चैंबर, कार पार्किंग समेत पूरी रियासत में 10 प्रोजेक्टों पर काम जारी है।

महिलाओं को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए हाईकोर्ट ने जम्मू, अनंतनाग, बारामुला, कुलगाम, कुपवाड़ा, राजोरी, श्रीनगर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय को फास्ट ट्रैक कोर्ट के रूप में काम करने की व्यवस्था की है। 
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