कटड़ा में आयोजित कथा में प्रवाचन देते संत शिरोमणि मोरारी बापू
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धर्मनगरी में आयोजित हुई राम कथा के आखिरी दिन समापन पर संत शिरोमणि मोरारी बापू ने मां वैष्णो देवी के चरणों में नमन करते हुए कहा कि वह इस कथा का फल सेना के उन जवानों को अर्पित करते हैं, जिन्होंने उड़ी में अपने प्राणों की आहुति दे दी। जो जवान हमारे देश की सरहदों पर कर्मठता से डटे हैं, उनको भी इस कथा का फल प्राप्त हो तथा राष्ट्र का कल्याण हो।
राम कथा पर बात करते हुए मोरारी बापू ने कहा कि रावण वध के साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत हुई। इसी प्रकार हर मानव को चाहिए कि वह अपनी त्रुटियों को दूर सार्थक राह को अपनाएं।
तुलसी दास जी द्वारा रचित रामायण हमारे जीवन को दिशा प्रधान करती है तथा राम कथा को बार-बार सुनने से इंसान का जीवन सफल होता है।