मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार रियासत में मानसून की साउथ वेस्ट विंड (हवाएं) वे आफ बंगाल और अरेवियन समंद्र से आती हैं। यह देश में केरल से दाखिल होकर धीरे धीरे जेएंडके तक पहुंचती हैं। जेएंडके में पहुंचकर यह विंड आगे पाकिस्तान के साथ लगते इलाकों से होती हुई हिमालय में जाकर रुक जाती हैं। राज्य में मानसून करीब 30 जून को पहुंचकर 15 सितंबर तक सक्रिय रहता है। मानसून की विंड को साउथ वेस्ट विंड भी कहा जाता है। पहले इसे ट्रेड विंड कहा जाता था। मानसून की हवाएं अपने साथ नमी लेकर चलती हैं। इसी तरह 15 सितंबर से केसपियन सी (समुद्र, सभी ईरान-इराक के पास), मेडिटेरियन सी और ब्लैक सी से वेस्टर्न डिस्टरवेंस की हवाएं चलती हैं जो जेएंडके में वेस्टर्न डिस्टरवेंस का काम करने के साथ मानसून की हवाओं से टकरा कर उन्हें वापस भेजती हैं।
आज 30-40 किमी. रफ्तार से हवाएं चलने के आसार
मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार वीरवार को जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में बारिश के आसार हैं। इस दौरान दोनों संभागों के कई हिस्सों में 30-40 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। आगामी दिनों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। इसमें कश्मीर संभाग अधिक प्रभावित होगा।