जवान इकबाल सिंह ने कहा, हमें ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि चाहे कोई भी हो उसकी मदद करनी है और उसी प्रेरणा के चलते मैंने ऐसा किया। उन्होंने कहा कि मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि सीआरपीएफ 24 घंटे आवाम की मदद करने के लिए तत्पर है। वीडियो को देखकर लोगों का जो प्यार मिल रहा है उसके लिए मैं धन्यवाद करना चाहता हूं।
पुलवामा हमले में भी घायल जवानों की मदद की थी
यह पहला ऐसा वाकया नहीं है जब इकबाल सिंह ने किसी की मदद की हो। जब 14 फरवरी को पुलवामा के लेथपोरा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था तब भी इकबाल हादसे का शिकार हुई गाड़ी के पीछे तीसरी गाड़ी चला रहा था। उसने उस समय भी सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी को सुरक्षित साइड किया और बाद में घटना स्थल पर घायल जवानों की मदद की थी।
सीआरपीएफ प्रवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि, इस तरह की घटनाएं लोगों के दिलों पर असर करती हैं। जिस तरह के हालात घाटी में बने हैं उन सबसे परे यह एक ऐसा वाकया है जो लोगों के दिलों को छुएगा और कहीं न कहीं चीजों को बेहतर करने में कारगर साबित होगा।
सीआरपीएफ हवलदार इकबाल सिंह ने कहा कि, मैंने जो किया वह मानवता के चलते किया। हमें जो प्रशिक्षण के दौरान सिखाया जाता है यानी दूसरों की मदद करना, उसी के तहत बच्चे को खाना खिलाया था। मुझे नहीं पता किसने वीडियो बनाया और वायरल कर दिया।