इलाके के किसानों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले उन पर इंद्र देवता का कहर टूटा और अब बंदर बारिश से किसी तरह बची फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
बंदरों की बढ़ती संख्या किसानों के लिए आफत बन गई है। किसान बेलीराम, पुन्नूराम, तीर्थराम, चुन्नीलाल, मोहम्मद रमजान, नूर मोहम्मद आदि ने बताया कि पहले बंदरों का आतंक केवल बिलावर और भड्डू नगर तक ही सीमित था।
लेकिन, अब ये बंदर पूरे इलाके में फैल चुके हैं। वे किसानों की फसल तो बर्बाद कर ही रहे हैं, कई बार बच्चों पर भी वे हमले कर देते हैं। जिस भी खेत अथवा बाग में यह बंदर घुसते हैं, उसे बर्बाद करके ही बाहर निकलते हैं।
एक तो पहले ही किसान बेमौसम बरसात से परेशान हैं। बारिश, बाढ़ और ओले गिरने से रबी की फसल लगभग बर्बाद हो चुकी है। जो बची-खुची फसल रह गई थी, उसे बंदरों की फौज उजाड़ रही है। उन्होंने सरकार से इलाके के किसानों को भुखमरी से बचाने के लिए फौरन बंदरों के आतंक से निजात दिलवाने की मांग की है।