घाटी में तनावपूर्ण माहौल के बीच सरकार ने 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है।
घाटी में केवल बीएसएनएल पोस्ट पेड सेवा ही चलेगी। मोबाइल इंटरनेट पर घाटी में पहले से ही प्रतिबंध लागू है। अब ब्राडबैंड भी बंद कर दिया गया है।
कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। घाटी भर में हालात पर नजर रखने को ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। हेलीकाप्टर से भी निगरानी होगी।
पुलिस महानिदेशक के राजेंद्रा कुमार ने बताया कि फिलहाल कुछ संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के मद्देनजर पाबंदियां लगाईं गईं हैं। कर्फ्यू कहीं भी लागू नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि हालात के मद्देनजर अगर जरूरत पड़ी तो कुछेक इलाकों में कर्फ्यू लगाया जा सकता है।
अलगाववादियों ने किया UNO चलो मार्च का आह्वान
घाटी में कर्फ्यू जारी
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मंडलायुक्त बसीर अहमद खान ने कहा है कि हड़ताल तथा अलगाववादियों के विरोध प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए श्रीनगर के कुछ संवेदनशील इलाकों में पाबंदियां रहेंगी। यहां लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। सोमवार को श्रीनगर के तीन थाना क्षेत्रों खानयार, नौहाट्टा व एमआर गंज सहित गांदरबल, कुपवाड़ा, बारामुला, बडगाम, शोपियां, कुलगाम, पुलवामा तथा अनंतनाग में पाबंदियां रहीं।
मंगलवार को अलगाववादियों के यूएनओ मार्च के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। वहीं सोमवार को भी घाटी के कई इलाकों में हिंसा हुई। कई जगह सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया।
इसके चलते सुरक्षा बलों की ओर से बल प्रयोग भी किया गया। कुलगाम में सेना को तैनात किया गया है। सोपोर में आतंकियों ने भीड़ में से पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की। इसमें एक पुलिसकर्मी मोहम्मद शकील अहमद घायल हो गया। इसके साथ ही शोपियां, कुलगाम, त्राल सहित कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए।