एम्स के मुद्दे पर उठा बवंडर जल्द ही थम सकता है। ऐसे संकेत हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बंगलादेश से लौटने के एक-दो दिन में ही इसकी घोषणा की जा सकती है। भाजपा से जुड़े सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर गंभीर हैं। जम्मू के लोगों की मांग पर केंद्र सरकार इसका जल्द ऐलान करेगी।
सनद रहे कि बजट में एम्स की घोषणा की गई थी, लेकिन बाद में इसे श्रीनगर शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद तमाम राजनीतिक दलों तथा सिविल सोसाइटी के लोगों ने भाजपा पर जम्मू के हितों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। इस मुद्दे पर जम्मू बंद का भी सफल आयोजन किया गया। भाजपा शुरू से ही जम्मू में एम्स खोले जाने की वकालत करती रही है।
इसे लेकर कोर कमेटी ने भी केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष स्थिति साफ कर दी थी। कहा जा रहा है कि लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए तथा पार्टी की हो रही किरकिरी से बचने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। पिछले दिनों डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल सिंह, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा ने घोषणा की थी कि जम्मू में हर हाल में एम्स बनेगा।
डिप्टी सीएम ने कांग्रेस पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सुषमा स्वराज ने वर्ष 2004 में यहां एम्स की घोषणा की थी, लेकिन, कांग्रेस ने इसकी जगह सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल बना दिया गया। अब वही इस मुद्दे पर हंगामा कर रही है।