प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकास के मंत्र के बहाने मिशन 44 को साधने की दिशा में भी प्रयास तेज किए। लेह और कारगिल के दौरे के क्रम में मोदी ने हर एक उस मुद्दे को छूने की कोशिश की जो मोदी के मिशन कश्मीर का हिस्सा है।
जम्मू-कश्मीर में नवम्बर-दिसम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा 87 सीटों में से 44 पर फतह हासिल कर अपने बूते सरकार बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
मोदी ने अपने दौरे में इस मिशन को अंजाम तक पहुंचाने के लिए नए वोट बैंक पर डोरे डाले और भावी गठबंधन के भी संकेत दिए।
तो अधूर रह जाएगा भाजपा का मिशन
भाजपा का जम्मू संभाग में खासा जनाधार है और इस क्षेत्र में विधानसभा की कुल 37 सीटें हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इस संभाग की सभी तीन सीटों पर जीत हासिल की थी लेकिन विधानसभा चुनाव के लिए बदले समीकरणों के बीच सभी 37 सीटों पर जीत संभव नहीं दिखती।
लिहाजा भाजपा जम्मू संभाग में 25 से 30 सीटों पर ज्यादा से ज्यादा जोर लगाना चाहती है। लद्दाख से 2 से 3 सीटें और कश्मीर की 46 में से कम से कम से एक दर्जन सीटें हासिल किए बगैर भाजपा का मिशन 44 पूरा नहीं हो सकता।
इस कारण भाजपा कश्मीर में सज्जाद लोन की पीपुल्स कांफ्रेंस से गठबंधन चाहती है। भाजपा महासचिव जेपी नड्डा इसके लिए लोन से मुलाकात कर चुके हैं।
मोदी ने रियासत की नब्ज को सहलाया
मोदी ने कश्मीरी वोट बैंक को रिझाने के लिए लेह दौरे के क्रम में केसर क्रांति लाने का वादा किया। सैफ्रान मिशन यूपीए सरकार में भी चल रहा था। अब इसे और कारगर बनाने की बात है।
इसके अलावा पशमीना उद्योग पर जोर तथा रोजगार का वादा कर मोदी ने कश्मीर में वैसे वोट बैंक को प्रभावित करने की कोशिश की जो नेकां और पीडीपी की राजनीति का विकल्प चाहता है।
भाजपा के अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस वोट बैंक के मद्देनजर फारूक अब्दुल्ला और मुफ्ती मोहम्मद के परिवार से कश्मीरी लोगों के ऊबने की चर्चा की थी।
पर्यावरण, पर्यटन और प्रकाश के थ्री पी फार्मूले को पेश कर मोदी ने जम्मू कश्मीर के लिए विकास का नया त्रिसूत्रीय नुस्खा पेश किया। साथ ही 60 करोड़ का कर्ज माफ कर वित्तीय संकट से जूझ रही रियासत की नब्ज को भी सहलाया।
मिशन 44 के लिए कश्मीरी नेताओं का सहारा
मोदी ने अपने दौरे में विकास की जीवन रेखा मानी जाने वाले सड़क नेटवर्क के लिए अलग से 8 हजार करोड़ देने का भी वादा किया। मोदी ने कहा कि विकास के लिए धनराशि की कमी नहीं है लेकिन भ्रष्टाचार का दीमक उसे चट कर जाता है।
उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सभी ताकतों और राजनीतिक दलों का साथ लेने की बात कहकर मिशन कश्मीर के लिए भावी गठबंधन के संकेत भी दिए। कांग्रेस फिलहाल पीडीपी से चुनाव बाद गठबंधन कर सरकार बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
ऐसे में भाजपा पीपुल्स कांफ्रेंस से चुनाव बाद गठबंधन के अलावा कुछ सीटों पर प्रभावशाली कश्मीरी नेताओं को टिकट देकर 44 का आंकड़ा हासिल करना चाहती है।