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ढाई लाख का वेतन चाहते हैं जम्मू-कश्मीर के माननीय

Thu, 02 Jun 2016 09:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
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जम्मू-कश्मीर व‌िधानसभा - फोटो : Amar Ujala
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राजनीतिक मतभिन्नता को भुलाकर माननीयों ने अपने वेतन में तीन गुणा की बढ़ोतरी मांगी है। दोनों सदनों में माननीयों ने वेतन सहित निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि में भारी भरकम बढ़ोतरी पर सहमति के स्वर उठाए।
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विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों ने ढाई लाख रुपये प्रतिमाह वेतन करने की मांग उठाई। इसी तरह से सीडीएफ की राशि को 1.5 करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ की मांग पर जोर दिया गया। विधानसभा में विपक्ष और सत्तापक्ष से कुल 54 विधायकों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन पीठासीन अध्यक्ष को सौंपा। इसमें गठबंधन सरकार के 25 मंत्री शामिल नहीं हैं।

अध्यक्ष ने इस मामले में सरकार को ध्यान देने के निर्देश दिए। सदन में वीरवार को भाजपा विधायक सतपाल शर्मा ने ध्यान दिलाया कि विधायक निधि की राशि 1.5 करोड़ रुपये सालाना काफी कम है। इससे विधानसभा में विकास के कार्य नहीं हो पाते हैं। कई इलाकों के साथ न्याय नहीं हो पाता है। ऐसे में क्षेत्र में जनता के सामने स्थिति काफी विकट बन जाती है। इसके साथ ही सदस्यों ने विधायकों का वेतन बढ़ाने की वकालत की।
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वेतन बढ़ाने पर सरकार गंभीरता से करेगी व‌िचार

हसीब द्राबू - फोटो : PTI
विधान परिषद में कांग्रेस विधायक जीएन मोंगा ने कहा कि विधायकों का वेतन महज 80 हजार रुपये है, जो वर्तमान समय में बेहद कम है। उन्होंने तर्क दिया कि मूल वेतन महज 35 हजार रुपये है, जिसे बढ़ाया जाना चाहिए। भाजपा विधायकों ने भी उनका समर्थन किया।

कांग्रेस के जुगल किशोर ने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने वेतन भत्ते बढ़ाए हैं। पीडीपी के विधायक सुरिंदर कुमार चौधरी ने कहा कि प्रोटोकोल में मुख्य सचिव से ऊंचा दर्जा रखने वाले विधायक कम वेतन हासिल कर रहे हैं, जबकि उनके पीएसओ ही 40 से 50 हजार का वेतन पाते हैं। नेशनल कांफ्रेंस के कैसर लोन ने कहा पूर्व विधायकों की पेंशन में बढ़ोतरी करने के साथ ही वर्तमान सदस्यों को लैपटाप और टैबलेट्स दिए जाने चाहिएं। 

वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू ने सदन को बताया कि सीडीएफ और तनख्वाह बढ़ाए जाने की सदस्यों की मांग पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस सत्र के अंत तक सरकार इस बाबत कोई घोषणा करेगी।

​इसके लिए सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के सदस्यों के साथ राय मशविरा कर समाधान ढूंढने की कोशिश की जाएगी। यदि मंजूरी मिलती है तो पिछले दस वर्ष में माननीयों के वेतन में यह तीसरी बढ़ोतरी होगी।
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