राजनीतिक मतभिन्नता को भुलाकर माननीयों ने अपने वेतन में तीन गुणा की बढ़ोतरी मांगी है। दोनों सदनों में माननीयों ने वेतन सहित निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि में भारी भरकम बढ़ोतरी पर सहमति के स्वर उठाए।
विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों ने ढाई लाख रुपये प्रतिमाह वेतन करने की मांग उठाई। इसी तरह से सीडीएफ की राशि को 1.5 करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ की मांग पर जोर दिया गया। विधानसभा में विपक्ष और सत्तापक्ष से कुल 54 विधायकों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन पीठासीन अध्यक्ष को सौंपा। इसमें गठबंधन सरकार के 25 मंत्री शामिल नहीं हैं।
अध्यक्ष ने इस मामले में सरकार को ध्यान देने के निर्देश दिए। सदन में वीरवार को भाजपा विधायक सतपाल शर्मा ने ध्यान दिलाया कि विधायक निधि की राशि 1.5 करोड़ रुपये सालाना काफी कम है। इससे विधानसभा में विकास के कार्य नहीं हो पाते हैं। कई इलाकों के साथ न्याय नहीं हो पाता है। ऐसे में क्षेत्र में जनता के सामने स्थिति काफी विकट बन जाती है। इसके साथ ही सदस्यों ने विधायकों का वेतन बढ़ाने की वकालत की।