पुलिस जांच में सामने आया कि लेह की ओर लौटते समय पर्यटक करु पहुंचे। यहां उन्होंने गलती से एक साइनबोर्ड का अनुसरण करते हुए लेह-मनाली मार्ग की ओर रुख कर लिया। उनकी अंतिम लोकेशन मनाली की दिशा में बढ़ने की पुष्टि होने के बाद देबरिंग क्षेत्र सहित व्हिस्की नाला की ओर खोज अभियान शुरू किया गया।
बाद में उनकी गतिविधियां सरचू की ओर पाई गईं, जहां यह पता चला कि सड़क की स्थिति के कारण एक स्थान पर उनका वाहन फिसल गया था। हालांकि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ लेकिन लेह-मनाली राजमार्ग बंद होने के कारण वे आगे नहीं बढ़ सके। पर्यटकों ने दो रातें वाहन के अंदर हीटर का उपयोग करते हुए बिताईं, जब तक कि डीजल समाप्त नहीं हो गया। इसके बाद वे सहायता की तलाश में लगभग 15-20 किलोमीटर पैदल चले और एक झोपड़ी में शरण ली, जहां से उन्हें सुरक्षित खोज लिया गया।
चारों पर्यटकों का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया और उनकी स्थिति स्थिर पाई गई है। उन्हें 14 जनवरी को लेह लाया जाएगा और उनके परिजन से मिलवाया जाएगा। पुलिस ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे यात्रा संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और विशेष रूप से शीतकाल के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बंद मार्गों पर जाने से बचें।