रियासत के उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह के साथ एयर इंडिया के पायलट द्वारा दुर्व्यवहार करने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री ने एयर इंडिया और गृह मंत्रालय से शिकायत भी की है। इस मामले में डॉ. सिंह ने कहा कि उन्होंने यह शिकायत उप मुख्यमंत्री के नाते नहीं बल्कि एक यात्री होने के नाते की है।
वहीं, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू के कारण एयर इंडिया की फ्लाइट से तीन यात्रियों को नीचे उतारे जाने और फ्लाइट लेट होने के मामले में डॉ. सिंह का कहना था कि ऐसा नियम के अनुसार किया गया था। इसमें यात्रियों की भी सहमति थी। उन्हें विमान में बैठने के बाद अन्य यात्रियों से इस बारे में पता चला था।
रिजिजू के पास जेड प्लस सुविधा है। एयर इंडिया सरकारी एयर लाइन है। नियम के अनुसार केंद्रीय मंत्री के इमरजेंसी में सफर करने पर एयर इंडिया यात्रियों को दूसरे विमान पर भेज सकता है। हालांकि, इस मसले से उनका कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कई दिन पहले यात्रा के लिए टिकट ले रखी थी।
वीरवार को जिला विकास बोर्ड की बैठक में भाग लेने आए उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने बताया कि वह लेह में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे।
विमान को तय समय से पहले टेक ऑफ किया गया
उनको 24 जून को दिल्ली रवाना होना था। विमान की टिकट पहले ही ले रखी थी। सुबह पूजन चल रहा था कि अचानक संदेश मिला कि एक घंटे पहले ही विमान को रवाना किया जाएगा। तुरंत कार्यक्रम को छोड़कर एयरपोर्ट की तरफ रवाना हो गए। जब सुबह 10:50 पर एयरपोर्ट पर पहुंचे तो पता चला कि पायलट ने विमान का दरवाजा बंद कर दिया है।
वह एयरपोर्ट पर पहुंचने की सूचना देकर विमान के बाहर पहुंचे तो पांच मिनट तक सारंग नाम के पायलट ने दरवाजा खोलने की इजाजत नहीं दी और जब दरवाजा खोला तो उनके साथ बहुत ही बदतमीजी के साथ बात की। जब विमान के अंदर पहुंचे तो पता चला कि एक घंटा पहले बुलाने के कारण अन्य यात्रियों को भी काफी परेशान किया गया था।
जबकि समय से पहले बुलाने का पायलट को कोई अधिकार नहीं है। उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनके कारण विमान उड़ने में कोई देरी नहीं हुई थी। इस घटना के बारे में उन्होंने 26 जून को गृह मंत्रालय से शिकायत कर दी है। आशा है कि गृह मंत्रालय जल्द ही इस पर कोई कार्रवाई करेगा।
प्रकरण पर विपक्ष के तल्ख तेवर
लेह से दिल्ली तक के लिए 24 जून की एयर इंडिया फ्लाइट में तीन यात्रियों को उतारकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू को बैठाए जाने के मामले पर विपक्षी दलों कांग्रेस और नेकां ने तल्ख तेवर अपना लिए हैं। कांग्रेस ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच, जबकि नेकां ने किरण रिजिजू के माफी मांग लेने के बाद उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह से भी माफी मांगने को कहा है।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि पार्टी विद ए डिफरेंस का दम भरने वाली भाजपा का असली चेहरा आए दिन लोगों के सामने आ रहा है। लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ जाकर एयर इंडिया की फ्लाइट से तीन यात्रियों को उतारकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू को बैठाया जाना शर्मनाक है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
नेशनल कांफ्रेंस के संभागीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा का कहना है कि लोकतंत्र में निर्वाचित प्रतिनिधि जनता के सेवक के तौर पर काम करते हैं और उन्हें ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे आम नागरिक को कष्ट पहुंचे। तीन यात्रियों को उतारकर लेह से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू और रियासत के उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह को बैठाया जाना आपत्तिजनक है। रिजिजू ने इस मामले में माफी मांग ली है। अब उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह को भी माफी मांग लेनी चाहिए।