हुर्रियत नेता और आवामी ऐक्शन कमिटी के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने कहा है कि वह सुरक्षा कारणों से एनआईए की पूछताछ के लिए दिल्ली नहीं जा सकते हैं। मीरवाइज ने अपने वकील के माध्यम से टेरर फंडिंग केस में एनआईए के नोटिस का जवाब देते हुए कहा है कि वह अपनी निजी सुरक्षा के कारण दिल्ली में पूछताछ के लिए नहीं आ सकते हैं और अगर एजेंसी उनसे इस मामले को लेकर पूछताछ करना चाहती है तो वह श्रीनगर में ऐसा कर सकती है।
बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बीते दिनों टेरर फंडिंग केस को लेकर पूछताछ करने के लिए मीरवाइज उमर फारूक और अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के बेटे नसीम गिलानी को समन भेजा था। इस नोटिस में एनआईए ने दोनों को 11 मार्च को दिल्ली में पेश होने के लिए बुलावा भेजा था, जिसपर मीरवाइज ने अपना जवाब एजेंसी के सामने रखा।
वहीं एनआईए के इस नोटिस के बाद जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने इसे लेकर केंद्र पर निशाना साधा था। महबूबा मुफ्ती ने कहा था, 'मीरवाइज फारूक कोई सामान्य अलगाववादी नेता नहीं हैं। वह कश्मीरी मुस्लिमों के धार्मिक और आध्यात्मिक प्रमुख हैं। एनआईए का उनको समन भेजना भारत सरकार के बार-बार हमारी धार्मिक पहचान पर हमले का प्रतीक है, लेकिन वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जम्मू और कश्मीर को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।'