श्रीनगर। ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन और मीरवाइज-ए-कश्मीर डॉ. मौलवी मोहम्मद उमर फारूक ने अपने पिता शहीद-ए-मिल्लत मीरवाइज मौलवी मोहम्मद फारूक (आरए) को उनकी 35वीं शहादत की सालगिरह पर श्रद्धांजलि दी। शहीद-ए-हुर्रियत ख्वाजा अब्दुल गनी लोन साहब और उसी तारीख को हवाल हत्याकांड में मारे गए हुए 70 निर्दोष लोगों को भी याद किया।
मीरवाइज ने एक्स लिखा कि 21 मई आ गया है और दर्दनाक यादें ताजा हो गई हैं। अपने लोगों के लिए कायदे-ए-कश्मीर मीरवाइज मौलवी मोहम्मद फारूक को इस दिन बंदूकधारियों ने छीन लिया था, उनके शोक मनाने वालों पर गोलियों की बौछार कर दी गई थी, जिसमें 70 लोग मारे गए थे। 35 साल बाद भी, उनकी मौत से पैदा हुआ खालीपन मौजूद है, जो हर गुजरते साल के साथ और भी अधिक महसूस होता है। उनके मार्गदर्शन की बहुत कमी खलती है। मीरवाइज ने अधिकारियों की तरफ से एक बार फिर ईदगाह में कब्रिस्तान में फातिहा पढ़ने और श्रद्धांजलि देने से रोकने पर निराशा व्यक्त की।