बाल श्रमिक के बहुचर्चित मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (सिट) बनाने के लिए दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जांच अधिकारी को रिपोर्ट के साथ तलब किया है। बठिंडी इलाके में रहने वाले जज के घर से उक्त घरेलू नौकर रहस्यमय ढंग से लापता है। एडवोकेट दीपिका सिंह राजवत ने मामले की सिट से जांच करवाने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन किया है।
जस्टिस हसनैन मसूदी और जस्टिस जनक राज कोतवाल की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि न तो सीनियर एएजी स्टेटस रिपोर्ट के साथ पेश हुए और न ही जांच अधिकारी उपस्थित हैं। खंडपीठ ने सीनियर एएजी को आदेश दिए कि अब तक हुई जांच के आधार पर स्टेटस रिपोर्ट 25 मई, 2015 तक अदालत में रखी जाए और जांच अधिकारी को केस डायरी के साथ अदालत में पेश होने को कहा।
केस की जांच के लिए सिट बनाने को लेकर दायर आवेदन में कहा गया कि बठिंडी में रहने वाले राजोरी के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) के घर में काम करने वाला 15 वर्षीय रफीक चौधरी 12 अप्रैल 2015 से लापता है।