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मीनल का पाकिस्तान जाना टला: पति और सास के साथ पहुंच गई थीं वाघा बॉर्डर, अचानक आया ऐसा ऑर्डर... खुश हो गए परिजन

Thu, 01 May 2025 10:23 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, दोमाना

सार

मीनल खान पाकिस्तान के सियालकोट स्थित कोटली फकीर चंद गुंजन निवासी असगर खान की बेटी है। बुधवार दोपहर को एडवोकेट अंकुर शर्मा ने कोर्ट में मीनल को पाकिस्तान न भेजने के लिए प्रस्ताव रखा।
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मीनल खान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान की रहने वाली मीनल खान को पति का घर छोड़कर मंगलवार को अमृतसर स्थित वाघा बॉर्डर भेजा गया था। वह जम्मू में रह रहीं तीन अन्य पाकिस्तानी महिलाओं के साथ वहां पहुंची थीं। बहू को छोड़ने के लिए पति मुनीर खान, सास जमशाद बीबी और मुनीर के बड़े भाई नदीम अहमद भी गए थे। इस बीच कोर्ट का ऑर्डर मिलने के साथ मीनल का पाकिस्तान जाना टल गया है। वह अपने ससुराल लौट आई हैं। इसके साथ ही मीनल के परिजन व आसपास के लोगों के चेहरे खिल उठे।

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जम्मू में एक-दूसरे से जुदा होते समय मीनल और मुनीर को गले लगकर रोते देखने के बाद हर किसी की आंख नम हो गई थी। मीनल की सास ने बताया कि मीनल और मुनीर की शादी नौ साल पहले शगुन के तौर पर कर दी गई थी। बीते दो साल से वीजा के लिए आवेदन कर रहे थे, लेकिन वीजा नहीं मिला। इसके बाद 24 मई 2024 को दोनों का ऑनलाइन निकाह करवा दिया गया था। फिर वीजा के लिए आवेदन किया गया। 

तब 15 दिन का वीजा जारी हुआ था। 29 फरवरी को मीनल सुसराल आई थी। 14 मार्च को मीनल का बीजा समाप्त हो गया था। हालांकि मुनीर खान ने पत्नी मीनल के लिए लांग टर्म बीजा के लिए आवेदन किया था। इंटरव्यू भी हो गया था। आगे की प्रक्रिया बाकी थी। लेकिन अभी तक मीनल को भारत की नागरिकता नहीं मिली है। बीजा का समय भी समाप्त हो था।
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मीनल खान पाकिस्तान के सियालकोट स्थित कोटली फकीर चंद गुंजन निवासी असगर खान की बेटी है। बुधवार दोपहर को एडवोकेट अंकुर शर्मा ने कोर्ट में मीनल को पाकिस्तान न भेजने के लिए प्रस्ताव रखा। इसके बाद कोर्ट ने मीनल को पाकिस्तान भेजने के निर्देश पर रोक लगा दी। वीरवार सुबह मीनल परिवार के साथ अमृतसर से जम्मू के हंडवाल गांव लौट आईं। फिलहाल मीनल को अगले आदेश तक राहत मिल चुकी है।

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