अपने घरों से मीलों दूर, नियंत्रण रेखा की रखवाली कर रहे सेना के जवान और अधिकारी सशस्त्र बलों की पारिवारिक परंपरा के अनुसार रोशनी का त्योहार दिवाली मना रहे हैं। सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ करने की दुश्मन की कोशिशों के खिलाफ उच्च स्तर की सतर्कता बरतते हुए, ये जवान त्योहार के अवसर पर दीये जलाते हैं और पटाखे फोड़ते हैं। अखनूर सेक्टर में एक अधिकारी ने कहा, हम अपने घरों से मीलों दूर दिवाली मनाते हैं। सेना हमारे लिए एक और बड़े परिवार की तरह है। हमारी परंपरा के अनुसार, हम अपने साथी जवानों और अधिकारियों के साथ दिवाली मनाते हैं।