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सेना के उत्तरी कमान के प्रमुख बोले: सेना के लिए 2021 ऐतिहासिक साल, सक्रिय आतंकियों की संख्या अब 200 से कम

Sun, 23 Jan 2022 03:21 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर

सार

उत्तरी कमान मुख्यालय में अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। इसमें कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने भाग लिया। 
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उधमपुर कमान मुख्यालय में अलंकरण समारोह के दौरान अधिकारी। - फोटो : पीआरओ सेना
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विस्तार
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 सेना के उत्तरी कमान मुख्यालय शनिवार को अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर के लोगों के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप आतंकवादी घटनाओं में कमी आई है। घाटी में आतंकरोधी अभियान लगातार चलते रहेंगे। इसमें नागरिकों का सहयोग आपेक्षित है।

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जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों की संख्या अब 200 से कम
जम्मू-कश्मीर में कई वर्षों में बाद सक्रिय आतंकियों की संख्या दो सौ से कम रह गई है। प्रदेश की जनता ने यह दर्शाया है कि यहां अलगाव और बंदूक की संस्कृति का कोई स्थान नहीं है। सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने यह बात उत्तरी कमान के अलंकरण समारोह के दौरान कही।

जोशी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की संख्या दो सौ से कम होना बड़ी उपलब्धि है। आतंकियों की संख्या में कमी जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ और सुरक्षा बलों के अथक प्रयास का फल है। उत्तरी कमान ने एलओसी, एलएसी, एजीडीएल और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखा और आंतरिक सुरक्षा पर भी कड़ी निगरानी रखी।
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पूर्वी लद्दाख के मुश्किल इलाकों में सैनिकों ने चीन के पीएलए के साथ कई इलाकों की मुक्ति को सकारात्मक रूप से अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि पीएलए के साथ बाकी इलाकों की मुक्ति के लिए भी वार्ता की प्रक्रिया जारी है। साथ ही सेना ने बर्फीली चोटियों पर सतर्कता बरकरार रखी है। यह वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और दृढ़ संकल्प का जीता जागता उदाहरण है। ऑपरेशन स्नो लेपर्ड अब भी बरकरार है। सैनिक हमेशा की तरह अब भी चौकस व पूर्ण रूप से तैयार हैं। 

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षाबलों के लिए साल 2021 ऐतिहासिक रहा। कमान मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने कहा कि लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में सेना ने विरोधियों और आतंकियों के खिलाफ अदम्य साहस दिखाकर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

सेना के लिए 2021 ऐतिहासिक साल रहा। घाटी में सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर के लोगों के कारण आतंकी घटनाओं, पत्थरबाजी में गिरावट आई है। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 40 इकाइयों को जीओसी-इन-सी की प्रशस्ति और 26 इकाइयों को जीओसी-इन-सी का प्रशस्ति प्रमाण-पत्र दिया।

ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन रक्षक, ऑपरेशन नॉर्दर्न बॉर्डर्स और अन्य अभियानों शामिल अधिकारियों और जवानों को सम्मानित भी किया। ऑपरेशन 'स्नो लेपर्ड' में श्रेष्ठ प्रदर्शन पर अधिकारियों को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र दिए गए। उन्होंने सभी रैंकों की प्रशंसा की।

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