एलएसी से आबादी वाले इलाके बहुत दूर हैं। सड़क मार्ग से निकटतम बस्तियों की एलएसी से दूरी 50 से 70 किलोमीटर है। ऐसे में सरहद पर क्या हो रहा है, किसी को नहीं मालूम। इस बीच खकतत गांव ही ऐसा है, जो चीन की हरकत को नजदीक से देख रहा है।
दरअसल, पैंगोंग त्सो झील की फिंगर-4 पहाड़ी पर चीनी सेना लगातार हलचल कर रही है। खकतत गांव झील के इस तरफ ठीक फिंगर-4 के सामने है। सड़क से एलएसी बहुत दूर है लेकिन हवाई मार्ग से यह दूरी बमुश्किल 3 किलोमीटर है। गांव में तीन घर हैं जिनमें कुल 12 सदस्य हैं। ये लोग दिन और रात को चीन की हलचल को कई बार देख चुके हैं।
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लेह से एलएसी की ओर चार जगह सैन्य चेक पोस्ट
लेह से गलवां घाटी की दूरी 230 किलोमीटर है। मीडिया से लेकर तमाम लोगों को लेह से बमुश्किल सौ किलोमीटर तक जाने दिया जा रहा है। लेह से 60 किलोमीटर पर जिंगराल, 80 किमी दूरी पर चांगला टॉप, 90 किमी दूर सोलतक और 110 किलोमीटर पर स्थित दुरबुक जांच नाकों से आगे जाने की अनुमति केवल स्थानीय जनप्रतिनिधियों को है। अन्य सभी को यहीं से लौटाया जा रहा है।