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ग्राउंड जीरो-लद्दाखः एलएसी से 150 किलोमीटर पहले तक जगह-जगह सैन्य नाकेबंदी

Sun, 28 Jun 2020 01:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा ओमपाल संब्याल, लेह/जम्मू

सार

  • स्थानीय ग्रामीणों को भी जांच के बाद ही आवाजाही करने की इजाजत
  • एलएसी पर पाबंदियों से आ रही मुश्किलों में भी सेना का हौसला बढ़ा रहे लद्दाखी 
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एलएसी के पास का एक गांव... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सटे गांव सैन्य छावनी में तब्दील हो चुके हैं। पिछले डेढ़ महीने से सैन्य जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। एलएसी की ओर जाने वाले तमाम रास्ते बंद हैं। यहां तक कि गांव वालों को भी आवाजाही के लिए अनुमति लेनी पड़ रही है। एलएसी के आसपास का इलाके में भी बाहर के लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई है। सरहदी गांवों में ब्लैकआउट और संचार नेटवर्क न होने से कुछ मुश्किलें आ रही हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोग सेना का सहयोग करने के साथ हौसला भी बढ़ा रहे हैं। 

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गलवां घाटी जिस इलाके में पड़ती है, वहां के पार्षद ताशी नामग्याल बताते हैं कि पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सैन्य जमावड़ा हुआ है। वर्तमान में एलएसी पर जाने की किसी को भी अनुमति नहीं है। बिजली और संचार नेटवर्क कटने के बावजूद स्थानीय ग्रामीण सेना का हौसला बढ़ा रहे हैं। यहां कई तरह की मुश्किलें हैं। 

ग्रामीणों को भी सेना की जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है लेकिन लोग सेना के साथ पूरी तरह खड़े हैं। अक्साई चिन में स्थित मोलदो के ठीक सामने चुशुल निर्वाचन क्षेत्र के कार्यकारी पार्षद कोंचोक स्टैंजिन कहते हैं कि एलएसी पर तनाव है। ऐसे वक्त पर ग्रामीण सेना के साथ खड़े हैं। जहां जो भी जरूरत पड़ती है, ग्रामीण सेना की मदद को आगे आ रहे हैं। बड़़ी संख्या में ग्रामीण पोर्टर की सेवाएं भी दे रहे हैं।
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तीन घरों के 12 लोग करीब से देख रहे चीन की हरकत

एलएसी से आबादी वाले इलाके बहुत दूर हैं। सड़क मार्ग से निकटतम बस्तियों की एलएसी से दूरी 50 से 70 किलोमीटर है। ऐसे में सरहद पर क्या हो रहा है, किसी को नहीं मालूम। इस बीच खकतत गांव ही ऐसा है, जो चीन की हरकत को नजदीक से देख रहा है।

दरअसल, पैंगोंग त्सो झील की फिंगर-4 पहाड़ी पर चीनी सेना लगातार हलचल कर रही है। खकतत गांव झील के इस तरफ ठीक फिंगर-4 के सामने है। सड़क से एलएसी बहुत दूर है लेकिन हवाई मार्ग से यह दूरी बमुश्किल 3 किलोमीटर है। गांव में तीन घर हैं जिनमें कुल 12 सदस्य हैं। ये लोग दिन और रात को चीन की हलचल को कई बार देख चुके हैं।

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लेह से एलएसी की ओर चार जगह सैन्य चेक पोस्ट
लेह से गलवां घाटी की दूरी 230 किलोमीटर है। मीडिया से लेकर तमाम लोगों को लेह से बमुश्किल सौ किलोमीटर तक जाने दिया जा रहा है। लेह से 60 किलोमीटर पर जिंगराल, 80 किमी दूरी पर चांगला टॉप, 90 किमी दूर सोलतक और 110 किलोमीटर पर स्थित दुरबुक जांच नाकों से आगे जाने की अनुमति केवल स्थानीय जनप्रतिनिधियों को है। अन्य सभी को यहीं से लौटाया जा रहा है।
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