कश्मीर घाटी में आतंकियों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पाकिस्तान जाकर हथियार चलाने की ट्रेनिंग लेने के बजाय अब कश्मीर में ही ट्रेनिंग को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका एक वीडियो सामने आया है।
इस वीडियो में तीन से चार आतंकी कश्मीर के किसी इलाके में सेब के बगीचे में एके-47 रायफल से निशाना लगाना सीख रहे हैं। हालांकि, यह वीडियो कब का और कहां का है, इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।
सूत्रों की मानें तो यह वीडियो कुछ महीने पहले का है और दक्षिणी कश्मीर का है। इसमें जो आतंकी अन्य आतंकियों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहा है, वह हिजबुल से अलग हुए मोस्टवांटेड कमांडर बुरहान वानी के ग्रुप का नसीर पंडित है।
सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ी
मुठभेड़ के दौरान मोर्चा संभाले सेना के जवान
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भाजपा-पीडीपी गठबंधन में मंत्री अल्ताफ बुखारी के घर पर नसीर पंडित सुरक्षा के लिए तैनात था। पिछले साल उनके घर से वह रायफल लेकर फरार हो गया था। बाद में वह अपने अन्य दो साथियों के साथ बुरहान के आतंकी संगठन में शामिल हो गया।
सुरक्षा बल के जवानों ने उसे उसके दो साथियों के साथ सात अप्रैल को दक्षिणी कश्मीर में मुठभेड़ में मार गिराया था। सूत्रों के अनुसार यह वीडियो उसके मोबाइल से बरामद हुआ है। सुरक्षा विशेषज्ञों की मानें, तो कश्मीर से सटी एलओसी पर सेना द्वारा इंटेलिजेंस और इनफिल्ट्रेशन ग्रिड को काफी मजबूत कर दिया गया है।
इसके चलते आतंकियों का उस पार जाना या फिर घुसपैठ करना मुश्किल हो गया है। इसके चलते नए भर्ती आतंकियों को ट्रेनिंग के लिए सीमा पार भेजने का जोखिम उठाने के बजाय स्थानीय स्तर पर ट्रेनिंग देने को प्राथमिकता दी जा रही है।
सेना की वर्दी पहने आतंकियों का घाटी में ट्रेनिंग लेने का वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है। हालांकि, कोई भी इस वीडियो पर खुल कर कुछ नहीं बोल रहा, लेकिन, एक बात साफ है कि घाटी में ट्रेनिंग कैंप चलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है।