जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंक के पर्याय अंसार गजवा-तुल-हिंद के सरगना जाकिर मूसा को सुरक्षा बलों ने गुरुवार को मार गिराया। उस पर 12 लाख रुपये का इनाम था। उसके साथ एक अन्य आतंकी भी मारा गया है। यह बात शुक्रवार को आईजी पुलिस कश्मीर एसपी पाणी ने बताई। हिंसा की आशंका के चलते शुक्रवार को घाटी के सभी स्कूल कॉलेज को बंद रखा गया। इसके साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवा पूरे दिन ठप रही। यह सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है।
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के डडसारा में गुरुवार की शाम आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर 42 राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ तथा एसओजी ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया। आतंकी जहां छिपे थे वहां पहुंच कर सुरक्षा बलों ने आतंकी सरगना को सरेंडर के लिए कहा, लेकिन उसने यूबीजीएल दाग दिया। जवाबी कार्रवाई में मूसा मारा गया।
आईजीपी कश्मीर ने बताया कि आतंकी सरगना मार दिया गया है। मुठभेड़ के बाद पूरी घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। प्रमुख तथा संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया। जगह-जगह नाके लगाकर वाहनों की चेकिंग की जा रही है।
बुरहान का सहयोगी था मूसा
जाकिर 2013 में हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। वह बुरहान वानी का लंबे समय तक सहयोगी रहा था। वह इस संगठन का कमांडर भी था। बाद में 2017 में वह अल कायदा के संगठन अंसार गजवा -तुल-हिंद में शामिल हो गया था। बताते हैं कि उसने हुर्रियत नेताओं का सिर कलम किए जाने की धमकी दी थी, इसके बाद से हिजबुल मुजाहिदीन ने उससे नाता तोड़ लिया था।
मुठभेड़ के बाद हिंसक प्रदर्शन
मुठभेड़ के बाद शोपियां, पुलवामा, अवंतिपोरा तथा श्रीनगर के डाउनटाउन में हिंसक प्रदर्शन हुए। मूसा के समर्थन में नारे लगे। इसे देखते हुए पुलिस ने पुलवामा, अवंतिपोरा, श्रीनगर, अनंतनाग तथा बडगाम में एहतियातन पाबंदियां लगा दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार की नमाज को देखते हुए यह कदम उठाया गया था। वहीं कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर बसीर अहमद खान ने बताया कि कश्मीर में हिंसा को रोकने के लिए शनिवार को भी सभी स्कूल व कॉलेज बंद किए गए हैं।