पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा पकड़े गए आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के ओवर ग्राउंड वर्कर जम्मू में रेकी करने के लिए आए थे। इन ओजीडब्ल्यू को जैश की ओर से जम्मू व आसपास के इलाकों में हाइड आउट बनाने का काम भी दिया गया था। पूछताछ के दौरान यह खुलासा खुद आठों आरोपियाें ने किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ तेज कर दी है।
सूत्रों के अनुसार एसओजी ने कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ चल रही है। जैश-ए-मोहम्मद ने ओजी वर्करों के अलग-अलग ग्रुप बनाए थे। यह ग्रुप रामबन, पंजाब और जम्मू में हैं। इन लोगों को जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में बेस बनाने का काम दिया गया था। पूछताछ के दौरान ओजीडब्ल्यू ने उगला है कि उन्हें सबसे पहले सैन्य और सुरक्षा ठिकानों की रेकी करनी थी, जिसके बाद इन्हीं के आसपास बेस तैयार करना था। यह ठिकाने हमलों के लिए मुफीद बनाए जाने थे।
सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान और बड़े खुलासे हो सकते हैं। जिसमें आतंक के इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि वीरवार को एसओजी ने जम्मू के बाड़ी ब्राह्मणा, रामबन बनिहाल और शोपियां से 8 लोगों को दबोचा था। यह सब आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करते हैं। इनमें शामिल इम्तियाज हुसैन निवासी रगूड़ा झज्जर कोटली में हुए आतंकी हमले में शामिल नजीर अहमद नेंगरू का भतीजा है।
एमआई के सटीक इनपुट से पकड़े गए
जानकारी के अनुसार मिलिट्री इंटेलिजेंस ने स्पेशल आपरेशन ग्रुप को सटीक इनपुट दिए थे। जिसमें कहा गया था कि जैश के लोग किसी हमले की साजिश रच रहे हैं। यह जानकारी मिलने के बाद एसओजी हरकत में आई और कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।