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Bus Terror Attack: एनआईए करेगी रियासी में बस पर हुए आतंकी हमले की जांच, गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश

Mon, 17 Jun 2024 01:31 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर

सार

रियासी में हाल ही में एक बस पर किए गए आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी है।
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Reasi (File) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू संभाग के जिला रियासी में हाल ही में एक बस पर किए गए आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। नौ जून को शिवखोड़ी धाम से कटड़ा लौट रही श्रद्धलुओं से भरी बस पर आतंकियों ने अंधाधुन गोलीबारी कर दी थी। इससे बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी थी।

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प्रत्यक्षदक्षियों के अनुसार, बस के खाई में गिरने के बाद भी आतंकवादी लगातार गोलियां बरसाए जा रहे थे। इसके बाद वे मौके से भाग निकले। बस में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के निवासी थे। हमले में तीन महिलाओं सहित नौ लोगों की मौत हो गई और 41 अन्य घायल हो गए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति और वार्षिक अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक के एक दिन बाद यह फैसला आया है। ये बैठक रियासी जिले में बस पर हुए आतंकी हमले और केंद्र शासित प्रदेश में कुछ अन्य आतंकी घटनाओं के मद्देनजर बुलाई गई थीं।
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11 जून को, आतंकवादियों ने भद्रवाह के छत्रगलां में राष्ट्रीय राइफल्स और पुलिस की संयुक्त चौकी पर गोलीबारी की। इसमें सेना के पांच और पुलिस का एक जवान घायल हो गए। 12 जून को डोडा जिले के गंडोह इलाके में एक तलाशी दल पर आतंकिों ने हमला किया गया। इसमें पुलिस का एक जवान घायल हुआ। वहीं, 11 जून को कठुआ की हीरानगर तहसील के सैडा सोहाल गांव में आतंकी एक घर में जा घुसे। यहां आतंकी गोलीबारी में एक नागरिक घायल हुआ। इसके बाद शुरू हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर किया। गोलीबारी में एक सीआरपीएफ का जवान भी बलिदान हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 13 जून को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, अमित शाह ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अपने निर्णायक चरण में है। हाल की घटनाओं से पता चलता है कि आतंकवाद हिंसा के अत्यधिक संगठित कृत्यों से सिकुड़कर महज छद्म युद्ध में बदल गया है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को कश्मीर की तरह जम्मू संभाग में क्षेत्र वर्चस्व और शून्य-आतंक योजनाओं को लागू करने का भी निर्देश दिया।

शाह द्वारा आयोजित दोनों बैठकों में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, सेना प्रमुख मनोनीत लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, सीआरपीएफ के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह, बीएसएफ के महानिदेशक नितिन अग्रवाल, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक आर आर स्वैन और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए।

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