दक्षिणी कश्मीर के त्राल का रहने वाला एक होनाहार लड़का आज कश्मीर में आतंकियों का 'पोस्टर बॉय' बन गया है। अपनी दमदार योग्यता और विलक्षण प्रतिभा के चलते इसे स्कूल में टीचरों ने न्यूटन कहना शुरु कर दिया। लेकिन इतना होनहार एक युवक कैसे आतंकवादी बन गया इसका जबाव किसी के पास नहीं है।
19 साल का इशाक अहमद आज कश्मीर में उभर रही नई आतंकवाद की एक बिग्रेड में शामिल हो चुका है। इशाक अहमद के पिता मोहम्मद इब्राहिम का कहना है कि इशाक अहमद ने इस साल मार्च में आतंकी संगठन ज्वॉइन किया है।
मार्च महीने की सर्दियों में इशाक घर से कॉलेज का फार्म जमा करने के बहाने से निकला था। इसके बाद वह घर वापस नहीं आया। माना जा रहा त्राल के आसपास के जो युवक गायव हुए हैं उन सब ने भी ये स्थानीय आतंकी संगठन को ज्वॉइन किया है।
कैसे बना आतंकी ?
पुलिस सूत्रों के अनुसार इशाक का कमांडर बुरहान मुजफ्फर वानी है। जो एक स्कूल प्रिंसिपल के बेटा है और जो घाटी में हिज्बुल का युवा चेहरा बनकर उभरा है।
इशाक अपने गांव से बनने वाला दूसरा आतंकी है। इससे पहले इशाक का चचेरा भाई तारिक अहमद भी आतंकी था। जिसे पिछले साल एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था। ऐसा कहा जाता है कि तारिक की मौत के बाद से ही इशाक आतंकियों के संपर्क में आया था।
त्राल उप-जिला दक्षिण कश्मीर में श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर स्थित है। त्राल पहाड़ी जंगलों, नदियों से ढका एक शांत गांव था लेकिन हाल के वर्षों में आतंकवादियों के गढ़ के रूप में उभरा है। यहां इशाक जैसे कई युवकों को हाल ही में आतंकी संगठन में शामिल किया गया है।
कश्मीर जोन का टॉपर था इशाक
इशाक आतंकी बनने से पहले एक मेधावी छात्र था। वह दसवीं में कश्मीर जोन का पोजीशन होल्डर रह चुका है। 2011 में इशाक ने दसवीं में 98.4 प्रतिशत नंबर लाकर राज्य में नौवां स्थान हासिल किया था।
अपनी विलक्षण प्रतिभा के चलते स्कूल में इसके साथी और शिक्षकों ने उसे न्यूटन कहकर बुलाना शुरु कर दिया। सभी को ये विश्वास था कि आगे चलकर यह युवक अपने जिले का नाम रोशन करेगा। आतंकी संगठम में शामिल होने से पहले इशाक मेडिकल में दाखिले के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट तैयारी कर रहा था।
हाल ही में आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन जॉइन करने वाले इन 11 आतंकियों की सोशल साइट पर तस्वीरें भी सामने आयी हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल के महीनों में लगभग 150 युवा आतंकी संगठन में शामिल हुए है। इनमें से लगभग 80 लड़के त्राल और उसके आसपास के इलाके रहने वाले हैं। (खबर अंग्रेजी समाचार पत्र से अनुवाद की गई है।)