जम्मू-कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह मामले में पहली बार जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती का नाम सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दविंदर मामले में दाखिल पूरक चार्जशीट में दावा किया है कि महबूबा डीएसपी के साथ गिरफ्तार हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी नवीद बाबू के बारे में जानती थीं और उससे एक बात भी की थी।
जांच से जुड़े एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि एजेंसी ने पीडीपी की युवा शाखा के अध्यक्ष वहीद उर-रहमान पारा सहित तीन लोगों के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र में बताया है कि पारा ने इस मामले में हिजबुल मुजाहिदीन के लिए एक फाइनेंसर के रूप में काम कर रहा था। हालांकि, अधिकारी ने अधिक जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। एनआईए ने पूरक आरोप पत्र में दावा किया है कि पारा आतंकियों के लिए धन उगाहने के साथ ही आतंकी साजो-सामान की खरीद के लिए हिजबुल को धन मुहैया कराने के षड़यंत्र का हिस्सा था।
यह भी पढ़ें-
बिना कोरोना जांच के यात्रियों को माधोपुर से लखनपुर लेने वाले ऑटो चालक पर अब कसेगी नकेल
वह जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक-अलगाववादी-उग्रवादी गठजोड़ के बनाए रखने में भी एक महत्वपूर्ण किरदार था। पुलावामा का रहने वाला पारा दक्षिण कश्मीर में पीडीपी को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण व्यक्ति था। एनआईए ने पारा के अलावा शाहीन अहमद लोन और तफजुल हुसैन परिमू का नाम भी लिया है। निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह वर्तमान में कठुआ जिले की हीरानगर में कठुआ जेल में बंद हैं।