जम्मू-कश्मीर की विधानसभा भंग होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि राज्यपाल के पास सरकार बनाने का उनका दावा वैध था। पीडीपी और कांग्रेस दो बड़े राजनीतिक दल ने वैध दावा पेश किया था। हमें मौका दिया जाना चाहिए था। राज्यपाल ने विधानसभा को क्यों भंग किया मुझे नहीं पता है। लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसी चीजों की उम्मीद नहीं थी। हम अभी सलाह मशवरा ही कर रहे थे।
महबूबा ने कहा कि सज्जाद लोन के पास दो और भाजपा के 25 विधायकों का समर्थन मिल जाता तब भी बाकी कहां से आते। वह सीधे-सीधे हॉर्स ट्रेडिंग (खरीद फरोख्त) की बात रह रहे थे। उनका दावा अवैध था। सरकार बनाने के लिए बड़े दलों को मौका दिया जाना चाहिए था। विधानसभा भंग कर देने से मायूस होने के सवाल पर महबूबा ने कहा कि अभी पार्टी सदस्यों से चर्चा करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।