मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि राज्य में पहले से ही औद्योगिक नीति तैयार की गई है और बहुत जल्द ही राज्य की व्यापार नीति भी तैयार होगी। राज्य में व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए और एक व्यापार राज्य में उद्योगपतियों को अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए इंडिया ट्रेड प्रमोशन आर्गेनाइजेशन की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर ट्रेड प्रमोशन आर्गेनाइजेशन की कल्पना की गई है।
औद्योगिक सलाहकार परिषद की छठी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का फोकस स्थानीय उद्योग के बढ़ावे और विकास पर है। स्थानीय उद्योगों को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए पिछले दो वर्षों के दौरान सरकार द्वारा कई प्रोत्साहन प्रदान किए गए हैं। पिछले वर्ष 2500 करोड़ रुपये के निवेश परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
आगामी तीन वर्ष में 45000 युवाओं को कौशल विकास में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। पिछले दो वर्षों के दौरान सरकार ने उद्योग क्षेत्रों को कई प्रोत्साहन दिए। स्थानीय उद्योगों को आगे बढ़ने व प्रतिस्पर्धी तथा आत्मनिर्भर बनाने के लिए आने वाले वर्षों में भी बहुत कुछ किया जाएगा।
उद्यम में स्थानीय युवाओं की अधिकतम नियुक्ति पर जोर
महबूबा मुफ्ती
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उन्होंने प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने के लिए स्थानीय उद्यमियों को अपने उद्यम में स्थानीय युवाओं की अधिकतम नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने आशा जताई की कि व्यापारी वर्ग उन्हें प्रदान प्रोत्साहन का लाभ उठाते हुए राज्य के सामाजिक आर्थिक बदलाव में अपनी भूमिका निभाएगें।
वित्त व श्रम मंत्री डा. हसीब द्राबू, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री सैयद फारूक अंद्राबी, वित्तीय आयुक्त कृषि प्रमोद जैन, वित्तीय आयुक्त योजना एवं विकास एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव बी बी व्यास, प्रमुख सचिव गृह आर के गोयल, आयुक्त सचिव पीडीडी धीरज गुप्ता, आयुक्त सचिव उद्योग शैलेंद्र कुमार, आयुक्त सचिव वित्त नवीन कुमार चौधरी, आयुक्त सचिव वन मोहम्मद अफजल भट्ट, आयुक्त सचिव राजस्व मोहम्मद अशरफ मीर उपस्थित थे।
दो नए औद्योगिक क्षेत्र का होगा विकास
महबूबा मुफ्ती
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बैठक में बताया गया कि एमएसएमई सेक्टर के तहत पूर्व में प्रति वर्ष 250 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। अब अकेले 2016 के दौरान 2500 करोड़ रुपये मूल्य की निवेश परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक में यह भी बताया गया कि के व्यून सीमेंट संयंत्र की 400 कनाल से अधिक भूमि को एक औद्योगिक एस्टेट के रूप में विकसित किया जाएगा जबकि दो नई औद्योगिक क्षेत्र विकसित की जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि 10-10 करोड़ रुपये सलामाबाद और चक्का द बाग व्यापार सुविधा केंद्र में बुनियादी ढांचे के अपग्रेडेशन पर खर्च किया जा रहा है, जहां व्यापार 900 करोड़ रुपये तथा 450 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह 40 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंपोर में ईडीआई के सामने कश्मीर हाट-द्वितीय विकसित किया जाएगा।