आठ दिसंबर 1989 को देश के गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद का यासीन मलिक व अन्य आतंकियों ने अपहरण कर लिया था। इसके बदले में विभिन्न जेलों में बंद पांच खूंखार आतंकियों को छोड़ना पड़ा था। इस घटना के लगभग डेढ़ महीने बाद 25 जनवरी 1990 को यासीन मलिक व जेकेएलएफ के अन्य आतंकियों ने श्रीनगर में वायुसेना के जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग की। इसमें चार की मौत हो गई, जबकि 40 अन्य घायल हो गए।
यासीन मलिक के खिलाफ कौन-कौन से केस हैं
- 2017 में टेरर फंडिंग केस - (इसमें उम्रकैद की सजा मिली है।)
- 1990 में रावलपोरा में चार वायु सेना के अधिकारियों की हत्या
- 1989 में देश के पूर्व गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद का अपहरण
- 1989 में कश्मीरी पंडित न्यायाधीश न्यायमूर्ति नीलकंठ गंजू की हत्या