महबूबा ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई। हमने जो कुछ कहा उसे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने सुना। जब प्रधानमंत्री दिल की दूरियां कम करनी है कहते हैं तो उसका मतलब क्या होता है कोई भी उम्मीद कर सकता है। ज्ञात हो कि बैठक में मोदी ने कहा था कि वह दिल्ली की दूरी और दिल की दूरी को हटाना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सम्मान के लिए गए थे
कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के राजनीतिक नेताओं की बैठक बुलाई तो उन्हें कोई आश्चर्य नहीं हुआ। उन्होंने (केंद्र सरकार) महसूस किया है कि उनकी योजना के अनुसार चीजें नहीं हुई हैं। शायद थोड़ी सहानुभूति जो वे छोड़ गए थे इसी वजह से हमसे मिलने का फैसला किया। हम प्रधानमंत्री कार्यालय के सम्मान के लिए वहां गए थे।
यह पूछने पर कि उन्हें पीएम की बैठक में क्यों आमंत्रित किया गया जबकि उन पर आतंकियों से सहानुभूति रखने का आरोप लगाया गया था तो कहा कि आप यह गलत व्यक्ति से पूछ रहे हैं। इसका जवाब सिर्फ प्रधानमंत्री या गृह मंत्री ही दे पाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़े भले बता रहे हों कि आतंकवाद में कमी आई है, लेकिन अब भी अशांति है। जब एक स्थानीय युवा बंदूक उठाता है और फि र वह मारा जाता है तो उसकी कब्र पर लगा झंडा भी पाकिस्तानी झंडा बन जाता है। आतंकवादी मारे जाने के बाद पाकिस्तानी बन जाते हैं।