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महबूबा मुफ्ती का आरोप: भाजपा की विधानसभा चुनाव में जीत धन, एजेंसियां, चुनाव आयोग, मीडिया के चलते हुई

Tue, 05 Dec 2023 08:50 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत पार्टी की जीत नहीं है, बल्कि केंद्र की धन शक्ति, एजेंसियों, चुनाव आयोग और मीडिया के कारण हो पाई है।
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महबूबा मुफ्ती - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को श्रीनगर में कहा कि तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत पार्टी की जीत नहीं है, बल्कि केंद्र की धन शक्ति, एजेंसियों, चुनाव आयोग और मीडिया के कारण हो पाई है। उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा अकेले चुनाव मैदान में आती, तो वह एक भी सीट नहीं जीत पाती। 

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने एक पार्टी समारोह के दौरान संवाददाताओं से कहा, "यह भाजपा की जीत नहीं है, यह देश की सरकार, इसकी एजेंसियों, इसकी धन शक्ति, इसके चुनाव आयोग, इसकी मीडिया की जीत है।"

संसद में जम्मू-कश्मीर के लिए केंद्र के आरक्षण विधेयक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी सभी कवायदें "अवैध" हैं। महबूबा ने कहा, "यह सब अवैध है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द गैरकानूनी तरीके से किया गया था और मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। जब कोई चीज विचाराधीन है, तो वे उस पर कानून कैसे बना सकते हैं। यह गैरकानूनी है, वे संविधान, संसद और सुप्रीम कोर्ट को रौंद रहे हैं। वे देश की हर संस्था को रौंद रहे हैं।" 
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यह पूछे जाने पर कि क्या पीपुल्स अलायंस फॉर गुप्कार डिक्लेरेशन (पीएजीडी) के सदस्यों के बीच कोई मतभेद हैं, उन्होंने कहा कि लोगों को कुछ छोटे-मोटे तानों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। पीडीपी प्रमुख ने कहा, "हम एक साथ हैं, फारूक (अब्दुल्ला), मैं और अन्य, और ईश्वर की इच्छा से हम साथ रहेंगे।"

यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी का कार्यक्रम विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए था, मुफ्ती ने कहा कि वह उन लोगों को कुछ सांत्वना देना चाहती हैं जो घुटन महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह चुनाव के बारे में नहीं है। हमें नहीं पता कि चुनाव कब होंगे। हम लोगों के पास जाकर उनकी कठिनाइयों के बारे में जान रहे हैं और उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। लोग निराश हैं, वे घुटन महसूस कर रहे हैं, वे बात नहीं कर सकते, गिरफ्तारियां हो रही हैं और उन्हें इससे बाहर लाने के लिए हम उनके पास जा रहे हैं।''

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