गौरतलब है कि इससे पहले पीपुल्स कॉन्फेंस के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सज्जाद गनी लोन, पीडीपी नेता वहीद, पीडीपी नेता अब्दुल कयूम वानी को भी एमएलए हॉस्टल से रिहा कर दिया गया। इसके साथ ही रविवार से बुधवार तक नौ नेता व कार्यकर्ता रिहा किए जा चुके हैं।
अमर उजाला ने यह खबर प्रकाशित की थी कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन एहतियातन बंदी बनाए गए नेताओं की हो रही क्रमबद्ध रिहाई के बाद उन नेताओं व कार्यकर्ताओं पर पीएसए के तहत कार्रवाई कर सकता है जिनसे उसे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका हो।
नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर 15 सितंबर 2019 को पीएसए के तहत कार्रवाई की थी। जिसके बाद उन्हें गुपकार रोड स्थिति निजी आवास में ही कैद कर दिया था,और उनके घर को ही अस्थाई जेल घोषित कर दिया गया था।