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जम्मू-कश्मीरः महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और शाह फैसल पीएसए के तहत फिर गिरफ्तार

Sat, 15 Feb 2020 10:33 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और शाह फैसल - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
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पूर्व आईएएस अधिकारी और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (JKPM) पार्टी के प्रमुख शाह फैसल को पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया है। वह फारूक अब्दुल्ला के बाद आठवें नेता हैं, जिन पर पीएसए के तहत कार्रवाई की गई है। इससे पहले उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, अली मोहम्मद सागर, सरताज मदनी, हिलाल लोन और नईम अख्तर पर पीएसए के तहत बंद हैं।

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इससे पहले फैसल को सीआरपीसी 107 के तहत 14 अगस्त 2019 को गिरफ्तार किया गया था और एसकेआईसीसी जेल में बंद कर दिया गया था और बाद में एमएलए होस्टल में स्थानांतरित कर दिया गया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उसे घर में स्थानांतरित किया जाएगा या एमएलए छात्रावास में रखा जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त को एहतियातन हिरासत में लिए गए पीडीपी के वरिष्ठ नेता और महबूबा मुफ्ती के मामा सरताज मदनी, नेकां के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर और डॉ. बशीर वीरी को रिहा किया जा चुका है। हालांकि रिहाई के तुरंत बाद उन्हें पीएसए में गिरफ्तार कर लिया गया। 
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मदनी और सागर को गुपकार स्थित सरकारी बंगले में ले जाया गया। जबकि वीरी को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया गया है। दूसरी ओर यह भी जानकारी आ रही है कि छह महीने से नजरबंद पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को अब स्टेट गेस्ट हाउस में शिफ्ट किया जा सकता है।


 

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फारूक अब्दुल्ला घर में ही हैं बंद

गौरतलब है कि इससे पहले पीपुल्स कॉन्फेंस के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सज्जाद गनी लोन, पीडीपी नेता वहीद, पीडीपी नेता अब्दुल कयूम वानी को भी एमएलए हॉस्टल से रिहा कर दिया गया। इसके साथ ही रविवार से बुधवार तक नौ नेता व कार्यकर्ता रिहा किए जा चुके हैं।

अमर उजाला ने यह खबर प्रकाशित की थी कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन एहतियातन बंदी बनाए गए नेताओं की हो रही क्रमबद्ध रिहाई के बाद उन नेताओं व कार्यकर्ताओं पर पीएसए के तहत कार्रवाई कर सकता है जिनसे उसे कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका हो।

नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर 15 सितंबर 2019 को पीएसए के तहत कार्रवाई की थी। जिसके बाद उन्हें गुपकार रोड स्थिति निजी आवास में ही कैद कर दिया था,और उनके घर को ही अस्थाई जेल घोषित कर दिया गया था।
 
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