मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पत्थरबाजी के आरोप में पकड़े गए युवकों को सुधरने का अवसर देने पर जोर दिया है। गृह विभाग के आला अफसरों के साथ बैठक में महबूबा ने कहा वर्ष 2008 से 2014 के बीच पत्थरबाजी करते पकड़े गए युवाओं के मामलों की फौरी तौर पर समीक्षा की जाए। उन्होंने वर्तमान में विभिन्न जेलों में बंद पत्थरबाजी के आरोपी नौ युवाओं की रिपोर्ट दो दिन में सौंपने के निर्देश दिए। महबूबा ने कहा युवाओं को सुधरने की मौका दिया जाना चाहिए।
कारावास विभाग के अफसरों से महबूबा ने कहा कि जेल सजा का केंद्र नहीं बल्कि सुधार केंद्र के रूप में विकसित होनी चाहिए। राज्य की जेल में कैद मूक बधिर और मानसिक रूप से विक्षिप्त पाकिस्तानी नागरिक के मामले का संज्ञान लेते हुए महबूबा ने कहा कि ऐसे कैदी की वतन वापसी में देरी अमानवीय है।
उन्होंने सवाल पूछा कि आखिर ऐसे कैदी को इतने लंबे समय तक उसके वतन से दूर क्यों रखा गया। साथ ही शहर ए खास में काठी दरवाजा क्षेत्र में स्थित श्रीनगर सेंट्रल जेल को बाहरी इलाके में शिफ्ट करने के लिए सात दिन में जगह देखने को भी कहा।
कहा कि जेल शिफ्ट होने के बाद पुराने शहर की इस इमारत को मनोरंजन और हैंडीक्राफ्ट प्रमोशन सेंटर के लिए इस्तेमाल किया जाए। कैदियों के लिए रोजगारोन्मुखी गतिविधियाें पर जोर देकर महबूबा ने कहा कि जेल के भीतर का माहौल सुधारवादी हो।