कश्मीर हिंसा के बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में रियासत के हालात पर पांच घंटे तक गंभीर मंथन हुआ।
बैठक में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर संसद में दिखी राजनीतिक सहमति का स्वागत करते हुए कश्मीर की समस्याओं के समाधान के लिए राष्ट्रीय पहल शुरू करने की आवश्यकता बताई गई। इसके साथ ही शांति तथा सुलह की प्रक्रिया में सभी पक्षों को शामिल करने पर सहमति बनी।
आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद फैली हिंसा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन धारण कर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। एसकेआईसीसी में हुई बैठक में घाटी में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति पर विचार किया गया। नेकां ने बैठक का बहिष्कार किया, जबकि अन्य दलों के नुमाइंदे मौजूद रहे। बैठक में विपक्ष के निशाने पर सरकार रही।