पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एलओसी ट्रेड के रास्तों को बंद करने के बजाय दूसरे नए मार्गों को खोलने पर जोर दिया है। जम्मू-सियालकोट, कारगिल-स्कार्दू, नौशेरा-झांगड़ रास्तों को दोबारा खोलने पर बल देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद कहते थे कि कश्मीरियों को कैद कर रखा गया है। इन्हें आजाद किया जाए। जो रास्ते बंद रखे गए हैं उन्हें खोला जाए। वे शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित पीडीपी के स्थापना दिवस समारोह में बोल रही थीं।
महबूबा ने कहा कि अगर वाघा बार्डर के रास्ते चरस आती है तो उसे बंद करने की बात नहीं होती। अगर मुजफ्फराबाद के रास्ते कुछ गलत हुआ है तो उसे बंद करने की बात शुरू हो गई है। रास्ते बंद नहीं बल्कि बंद रास्तों को खोला जाना चाहिए। पीडीपी ने 2002 से जो हासिल किया है उसे आगे बढ़ाना है न की खत्म करना। मंच से उन्होंने पीओके तथा राज्य के बीच आपसी संबंध बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि पीओके के बच्चे यहां आएं जो यहां की मुश्किलें देख सकें।
ऐसे ही यहां के बच्चे भी वहां जाएं। विधानसभा में पीओके के लिए सीटें आरक्षित रखी गई हैं। इस पर नामांकन प्रक्रिया को पूरी कर एक बार विधानसभा यहां लगाई जाए और एक बार वहां। दोनों देशों के बीच संबंध बढ़ेगा तभी पर्यटन को बढ़ावा देने और शारदा पीठ खोलने पर विचार किया जा सकता है।
अमन बहाली के लिए वाजपेयी की नीतियों को अपनाने पर जोर
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : फाइल फोटो
उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से एकजुट होकर कश्मीरियों की मुश्किलों को दूर करने की अपील करते हुए कहा कि वे नेशनल कांफ्रेंस, भाजपा, कांग्रेस समेत सभी पार्टियों से अपील करती हैं कि एक साथ आकर कश्मीर मसले का समाधान निकालें। यह हमारा फर्ज बनता है क्योंकि आखिरकार हम सब कश्मीरी हैं। जम्मू कश्मीर भारत का ताज है और इसके बिना भारत अधूरा है। इसलिए ताज की कद्र की जाए।
मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में अमन बहाली के लिए वाजपेयी की नीति को अपनाने पर बल दिया। साथ ही लाहौर समझौते को दोबारा जिंदा करने की अपील की ताकि एलओसी तथा बार्डर के लोग चैन की जिंदगी जी सके। राजोरी, नौशेरा, पुंछ तथा कश्मीर के लोगों को सीजफायर से राहत मिल सके।