संविधान के अनुच्छेद 35ए में किसी तरह की छेड़छाड़ करने पर राज्य में कोई तिरंगे की हिफाजत कोई भी नहीं कर पाने के मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के बयान पर रियासत में बवाल मच गया है। रियासत में गठबंधन सरकार में पीडीपी की सहयोगी भाजपा ने मुख्यमंत्री के बयान पर हैरानी जताई है।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी ने कहा है कि रियासत में देश के गौरव तिरंगा झंडा को फहराने का अनुच्छेद 35ए के साथ कोई लेना देना नहीं है। ऐसे में मुख्यमंत्री का अनुच्छेद 35ए को लेकर दिया गया बयान सही स्थिति को उजागर नहीं करता है और राजनीतिक तौर पर भी गलत है।
सेठी ने कहा कि अनुच्छेद 35ए रियासत में धीमी गति से विकास के लिए जिम्मेदार रहा है। इसी वजह से जम्मू कश्मीर आर्थिक तौर पर केंद्र सरकार की वित्तीय मदद पर निर्भर होकर रह गया है। जम्मू कश्मीर का हर नागरिक पहले भारतीय है और फिर राज्य का नागरिक है।
कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : फाइल फोटो
कांग्रेस के उपाध्यक्ष रमण भल्ला ने कहा है कि मुख्यमंत्री का बयान गैर जिम्मेदाराना है। भाजपा को अब अपना पक्ष देश की जनता के समक्ष साफ करना चाहिए। भाजपा ने अनुच्छेद 370 को तोड़ने के नाम पर देश के लोगों व जम्मू से वोट हासिल किए। अब पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार सत्ता में है और मुख्यमंत्री बयान दे रही हैं कि अनुच्छेद 35ए में किसी तरह की छेड़छाड़ करने पर राज्य में कोई तिरंगे की हिफाजत कोई भी नहीं कर पाएगा।
शिवसेना बाला साहिब ठाकरे जम्मू कश्मीर ने भी महबूबा के बयान का कड़ा विरोध करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। पार्टी के राज्य प्रमुख डिंपी कोहली और महासचिव मनीष साहनी ने कहा कि 35ए को लेकर महबूबा का तिलमिलाना एवं बेतुके बयान देना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि महबूबा शायद यह भूल चुकी हैं कि वह राज्य की मुख्यमंत्री हैं मात्र कश्मीर व कश्मीरी अवाम की नहीं।
करीब पचास सामाजिक, व्यवसायिक संगठनों पर आधारित जम्मू प्रोवेंस पीपुल्स फोरम के प्रधान पवित्र सिंह ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के तिरंगे को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। इस संबंध में आयोजित बैठक में कार्यकारी प्रधान एमएस कटोच, एमएल शर्मा, प्रो. ओपी शर्मा, राजेश ठाकुर, इंद्रजीत खजूरिया आदि मौजूद रहे।