जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर में अमन के लिए पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने पर जोर दिया है। राज्यपाल के अभिभाषण पर विधान परिषद में चर्चा का उत्तर देते हुए उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नीति और संयम की याद दिलाई। महबूबा ने कहा कि जब वाजपेयी बस लकेर लाहौर गए तो राजोरी में आतंकी कांड हो गया।
संद पर हमला हुआ और करगिल भी हुआ लेकिन वाजपेयी ने संयम से काम लिया। तब पाक्सिातन ने लाहौर घोषणा की जिसमें आतंकवाद के लिए पाक की जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देने का एलान था। इसका असर भी हुआ। घटनाएं कम हो गई। मुशर्रफ आगरा आए। उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने कश्मीर में हर पक्ष से डायलाग शुरू किया। अब पाकिस्तान को लाहौर घोषणा की याद दिलानी होगी।
उन्होंने कहा कि हम इतिहास और भूगोल नहीं बदल सकते। वाजपेयी ने कहा था कि हम हमसाया नहीं बदल सकते। नई दिल्ली को इलाज ढ़ूढ़ना होगा। टकराव से सीमा पर रहने वाले लोग दरबदर होते हैं। पीएम मोदी ने वाजपेयी की नीति को आगे बढ़ाया लेकिन इस बीच कई घटनाएं हो गईं। पाक ने पहल नहीं की। अब जोड़ने की बात करनी होगी। पीओके को हम अपना हिस्सा मानते हैं। विधानसभा में सीटें भी रिजर्व कर रखी है। अब चीन वहां कारीडोर बना रहा है। हमें पीओके के सभी रास्ते खोलने होंगे।