- 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 2700 करोड़ रुपये के प्रस्तावों पर काम होगा
कई सदस्यों ने अधिक राशि के भी बजट प्रस्ताव तैयार किए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधायकों से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 30-30 करोड़ रुपये का बजट मसौदा मांगा है। इससे 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कम से कम 2700 करोड़ रुपये के बजट प्रस्तावों के प्रावधान पर काम किया जाएगा। हालांकि, कई विधायकों ने इससे अधिक राशि के बजट प्रस्ताव दिए हैं। इनमें बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के साथ विकास से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी।
भाजपा के एक विधायक ने बताया कि हमने कई क्षेत्रों से 30 करोड़ रुपये से अधिक राशि के प्रस्ताव दिए हैं। संबंधित विधानसभा क्षेत्रों की प्राथमिकताओं को बजट प्रस्तावों में शामिल किया गया है। बजट प्रस्तावों में उद्योग एवं व्यापार, पर्यटन, होटल एवं आतिथ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, आदिवासी मामले, युवा मामले, कृषि सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया जा रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री से बजट पूर्व परामर्श में आगामी सोमवार को जम्मू जिले के बजट प्रस्तावों पर डीडीसी अध्यक्ष, हितधारकों और विधायकों से चर्चा होगी। विपक्ष के रूप में जम्मू जिला से ही सभी 11 भाजपा विधायक हैं। डीडीसी अध्यक्ष जम्मू भारत भूषण ने बताया कि उन्हें सोमवार को मुख्यमंत्री के साथ बजट चर्चा के लिए प्रशासन की ओर से सूचित किया गया है। इसमें जिला परिषद और संबंधित विधानसभा क्षेत्रों की जरूरतों और आकांक्षाओं को चर्चा में शामिल किया जाएगा।
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पुलवामा और रियासी बजट योजनाओं पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने बजट पूर्व संवाद जारी रखते हुए शुक्रवार को जनप्रतिनिधियों के साथ पुलवामा और रियासी बजट योजनाओं पर चर्चा की। इन जिलों के जिला विकास परिषद (डीडीसी) के अध्यक्षों और विधायकों के साथ चर्चा में बिजली आपूर्ति, पेयजल योजनाओं, बाढ़ प्रबंधन, स्कूलों अस्पतालों में स्टाफ की नियुक्ति, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन, पुलों के निर्माण, नए पर्यटन स्थलों, पार्कों और पार्किंग सुविधाओं के विकास के बारे में चिंताएं जताईं गईं। वहीं, बजट पूर्व परामर्श सत्र में मुख्यमंत्री के साथ उद्योग एवं व्यापार, पर्यटन, होटल एवं आतिथ्य, शिक्षा, समाज कल्याण आदि क्षेत्रों के हितधारकों ने अपने सुझाव और विचार रखे। उन्होंने खेल पर्यटन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि श्रीनगर मैराथन की तरह जम्मू में एक प्रमुख खेल आयोजन करवाने के लिए चर्चा चल रही है। कनेक्टिविटी में सुधार के लिए जम्मू हवाई अड्डे के विस्तार की भी योजनाएं बनाई गई हैं।
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जम्मू की अर्थव्यवस्था पर आशंकाओं को दूर किया जाए
रेलवे नेटवर्क के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा गया कि कैसे पठानकोट से जम्मू, फिर उधमपुर और कटड़ा तक कनेक्टिविटी में धीरे-धीरे सुधार हुआ है। इस साल ट्रेन को श्रीनगर तक पहुंचाने की योजना है। हालांकि उन्होंने कहा कि व्यापार पैटर्न में बदलाव के प्रतिकूल प्रभावों से जम्मू की अर्थव्यवस्था पर आशंकाओं को दूर किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह क्षेत्र एक वाणिज्यिक केंद्र के रूप में फलता-फूलता रहे।
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जम्मू के पवित्र स्थलों के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि जम्मू संभाग के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल श्री माता वैष्णो देवी में ही सबसे अधिक तीर्थ यात्री पहुंचते हैं। हमें जम्मू के अन्य पवित्र स्थलों को प्रदर्शित करने के उचित प्रयास करने चाहिए, जिससे तीर्थयात्रियों के प्रवास को बढ़ाने के साथ क्षेत्रीय संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके।
निजी विश्वविद्यालयों के लिए प्रोत्साहित किया जाए
मुख्यमंत्री ने निजी शिक्षा के लिए अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि जम्मू और कश्मीर को निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए बुनियादी ढांचे की खोज करनी चाहिए, जिससे गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए अधिक अवसर उपलब्ध हो सकें। हितधारकों की चिंताओं और सुझावों को सरकार की नीतियों और विकास एजेंडे में शामिल किया जाएगा।