बिश्नाह। डोगरा सदर सभा कार्यालय में रविवार को एक बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता सभा से जुड़े दया कृष्ण सिंह जमवाल ने की। बैठक में मुख्य अतिथि सभा के प्रधान ठाकुर गुलचैन सिंह चाढ़क रहे। बैठक में फैसला लिया गया कि डोगरों की पहचान और जो हमारे हेरिटेज को साजिश के तहत खत्म किया जा रहा है। उन्हें कैसे बचाया जाए।
सभा के प्रधान ठाकुर गुलचैन सिंह चाढ़क ने कहा कि हमारी विरासत को खत्म किया जा रहा है। हमारे हेरिटेज खत्म हो रहे हैं। डोगरों की पहचान खत्म की जा रही है। अगर लद्दाख के लोगों को आज लद्दाखी सर्टिफिकेट दिया जा रहा है, तो पहाड़ी लोगों को पहाड़ी सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। तो डोगरों को भी डोगरा सर्टिफिकेट जल्द दिया जाए। उन्होंने कहा कि अभी तक हमारे किसानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया। यह हमारे साथ मजाक है। आज कश्मीरियों को 13 हजार से 26 हजार की राशि मिल रही है। यह अच्छी बात है, परंतु डोगरों के अधिकार को दबाया जा रहा है। उन्हें नक्शे से खत्म किया जा रहा है। यह हम होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि जब मैं सरकार में शिक्षा मंत्री था, तब बिश्नाह डिग्री कॉलेज में जो मैंने निर्माण कार्य कराया था आज भी उसी बिल्डिंग में डिग्री कॉलेज चल रहा है। बच्चों की स्टेंथ काफी बढ़ चुकी है। परंतु इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। सीमावर्ती अरनिया में भी हमने डिग्री कॉलेज के लिए कहा था, परंतु सरकार कोई विचार नहीं कर रही।