सांबा। गत दिवस अवैध खनन के खिलाफ कुछ लोगों ने कस्बे में प्रदर्शन किया। आरोप लगाया था कि ठेकेदार अधिक दाम वसूल रहे हैं। इस पर सोमवार को टेंडर लेने वाले कुछ मालिकों ने प्रेसवार्ता में अपना पक्ष रखा। टेंडर लेने वाले कुछ मालिकों ने कहा कि उनका कोई भी ठेकेदार सांबा में अभी तक रॉयल्टी के दाम नहीं ले रहा है।
सुनील कुमार जोशी ने बताया कि अभी रॉयल्टी के दाम ही तय नहीं हुए हैं, क्योंकि अभी उनकी कुछ एनओसी भी लेनी है तो वह रॉयल्टी कैसे ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि इतना जरूर है कि वह खनन की अपनी जगहों को चिह्नित जरूर कर रहे हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि दूसरे राज्यों से आए ठेकेदार रॉयल्टी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मात्र अफवाह फैला रहे हैं कि दूसरे राज्यों से आए लोग विभाग की मिलीभगत से 1000 रुपये रॉयल्टी के ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी अवैध खनन करते पकड़ा जाता है तो उस पर विभाग व पुलिस सख्त कार्रवाई करे। प्रेसवार्ता में अमित महाजन, अमन वीर सिंह भी मौजूद रहे
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धार्मिक स्थल पर नहीं ली जाएगी रॉयल्टी
अगर खनन का काम चलता है तो सांबा के युवाओं को ही रोजगार दिया जाएगा। ताकि सांबा की बेरोजगारी कुछ हद तक कम हो। अगर कहीं धार्मिक स्थल पर काम चलता है तो वह उसकी भी रॉयल्टी नहीं ली जाएगी।
-सुनील कुमार जोशी
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अवैध खनन पर नहीं लग रही रोक
देविका पुल से पुरमंडल तक हो रहा है बड़े पैमाने पर खनन
संवाद न्यूज एजेंसी
विजयपुर। देविका पुल से पुरमंडल तक रात्रि को अवैध खनन जारी है। इस कारण गणमान्य लोगों में जिला प्रशासन के खिलाफ रोष है।
मोहन सिंह, हरभजन सिंह, सुभाष सिंह जमवाल, प्रदीप सिंह, अजीत सिंह आदि ने बताया कि इस अवैध खनन को लेकर छह फरवरी 2020 को उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू को संबोधित ज्ञापन एडीसी सांबा को सौंपा गया। कुछ माह तक अवैध खनन पर रोक लगी रही, लेकिन एक बार फिर से अवैध खनन शुरू हो गया है। इस कारण जिला प्रशासन के खिलाफ लोगों में रोष है।
गौरतलब है कि समाजसेवक पंकज सलाथिया की देखरेख में छह फरबरी को गुड़ा सलाथिया आदि ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल एडीसी सांबा से मिला, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल रहे। उन्होंने एडीसी से मुलाकात कर उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपा, और पवित्र देविका नदी गुड़ा सलाथिया, उत्तरवहनी में हो रहे अवैध खनन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने एडीसी को बताय था कि पवित्र देविका नदी के साथ हमारे लोगों की आस्था जुड़ी है। इसमें खनन करने वालों को हम माफ नहीं करेंगे। हम पवित्र देविका नदी को देवी मां के रूप में मानते है। गणमान्य लोगों ने कहा कि पवित्र देविक एक प्राचीन धार्मिक स्थल है। इसमें खनन करना लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बराबर है। ताकि लोगों की पुरानी आस्था कायम रहे। उन्होंने कहा कि अवैध खनन से पानी का लेवल नी जा रहा है। अगर सरकार ने जल्द इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में कंडी क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए तरसना पडे़गा। इन लोगों की चल रही परेशानियों को एडीसी ने सुना और परेशानी हल करने का आश्वासन दिया, लेकिन एक बार फिर कुछ लोगों द्वारा अवैध खनन शुरू हो गया है जिस कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।