फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूटी का पहला 5136 करोड़ का जिला विकास बजट मंजूर

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का 5136.40 करोड़ रुपये का पहला जिला विकास योजना का बजट शुक्रवार को पारित किया गया। यह पिछली बजट 3079.54 करोड़ रुपये से 67 फीसदी अधिक है। उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में इसे मंजूरी दी गई। तय किया गया कि विकास कार्यों में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला योजना व विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा।
विज्ञापन

राजभवन में हुई बैठक में तय हुआ कि पंचायती राज व्यवस्था की मजबूती, अंतिम पायदान तक लोकतंत्र की मजबूती के लिए विकास कार्यों को तेज गति से किया जाना है। उप राज्यपाल ने जिला विकास बोर्ड के गठन के लिए संविधान तय करने को कहा ताकि विकास कार्यों में जनसहभागिता सुनिश्चित हो सके। पंचायत व ब्लाक स्तरीय योजना के साथ ही जिला स्तरीय योजना तैयार करने की भी हिदायत दी। बैठक में 2020-21 में पूरा होने वाली योजनाओं पर भी चर्चा की गई। केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में मंजूर 5136.40 करोड़ में से केंद्र प्रायोजित 4543.47 करोड़, ऋण 403.50 करोड़ तथा केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा 189.34 करोड़ रुपये है।
प्रोजेक्ट के पूरा होने से मिलेगा लाभ
स्वास्थ्य, जलशक्ति व शिक्षा विभाग से जुड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने पर 25 लाख विद्यार्थियों को लाभ होगा। इसके साथ ही 705 किमी सड़क का निर्माण पूरा होने से कई इलाकों का संपर्क जुड़ेगा। इससे लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा। बैठक में बताया गया कि तकनीकी का इस्तेमाल, जियो टैगिंग आदि से योजना क्रियान्वयन में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उप राज्यपाल ने विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी तथा जनता की शिकायतों के निस्तारण के लिए सभी डीसी को ऑनलाइन डेशबोर्ड निर्माण की हिदायत दी। सड़क, जलापूर्ति तथा बिजली से जुड़े प्रोजेक्ट में ज्यादा से ज्यादा पंचायती राज संस्थानों को जोड़ने को कहा। उप राज्यपाल ने कहा कि बैक टू विलेज कार्यक्रम को भारी सफलता मिली थी। इससे जुड़े कार्यों को तय समय में पूरा किया जाए ताकि जनता तक बेहतर संदेश जा सके।
विज्ञापन

संपत्तियों के रखरखाव के लिए कुछ हिस्सा हो आवंटित
उप राज्यपाल ने संपत्तियों के रखरखाव के लिए भी बजट का कुछ हिस्सा आवंटित करने को कहा। विभिन्न योजनाओं में फंड के दुरुपयोग से बचने के लिए भी कहा। मनरेगा में सामान-मजदूर अनुपात पर बी विशेष ध्यान रखने को कहा। सभी प्रशासनिक सचिवों को लंबित प्रोजेक्ट पर ध्यान कें द्रित करने की हिदायत देते हुए कहा कि समयबद्ध तरीके से इन्हें पूरा किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें