जम्मू। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की बैठक में पीसीबी के तहत डेयरी फार्म, गौशालाओं को लाने के तौर-तरीकों पर चर्चा हुई। इसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा निर्देशों पर मानकों का पालन किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पीसीबी अध्यक्ष सुरेश चुघ ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के 20 मई, 2020 के आदेश में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को डेयरी फार्मों से होने वाले प्रदूषण से संबंधित स्थानीय निकायों से जानकारी प्राप्त करने और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रासंगिक डेटा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बोर्ड बैठक में जम्मू-कश्मीर में एनजीटी के आदेश को लागू करने के तौर तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली एनजीटी की खंडपीठ ने अपने आदेश में राज्य पीसीबी / पीसीसी (प्रदूषण नियंत्रण समितियों) से दो सप्ताह के भीतर इस संबंध में सूचितकरके सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों को अपनाने के लिए कहा है। जेएंडके पीसीबी के चेयरमैन ने बताया कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रदूषण नियंत्रण समितियों को निर्देशित किया गया है कि वे शीर्ष प्रदूषण नियंत्रण निकाय को सितंबर 2020 के मध्य और उसके बाद हर छह महीने में तथ्यात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यूएलबी को हर महीने 2 डेयरी फार्म और दो गौशालाओं का पर्यावरण ऑडिट कराने का भी निर्देश दिया गया है।