जम्मू-कश्मीर उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जेएंडके में बाढ़ के बाद बीमारियों की रोकथाम के लिए केंद्र की ओर से भारी मात्रा में दवाइयां और वैक्सीन भेजी गई हैं। बाढ़ के बाद दूषित पानी से पनपने वाली बीमारियों के बचाव के लिए श्रीनगर में 5.5 लाख खसरे की वैक्सीन और 30000 विटामिन ए की बोतलें तथा जम्मू में 50000 खसरे की वैक्सीन भेजी गई हैं।
केंद्र की रिपोर्ट में जेएंडके में 10 लाख क्लोरीन की टैबलेट भेजी गई हैं। इसके अलावा अतिरिक्त 11 लाख टैबलेट भोपाल से दिल्ली तक रेल और उसके बाद एयरलिफ्ट करके जेएंडके में पहुंचाई जा रही हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से 25 लाख मीट्रिक टन ब्लीचिंग पाउडर जम्मू में भेजा गया।
3000 एंटी रैबीज की वायल भी भेजे गए। मुंबई और दिल्ली से एक लाख सेनेटरी नैपकिन और 50 हजार पैकेट ओआरएस के भेजे गए। एमएचए रिपोर्ट में श्रीनगर में 20 विशेषज्ञ डाक्टरों का दल भेजा गया है। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेस बंगलूरू से दो साइको सोशल और साइको सोशल नीड असेसमेंट टीम भेजी गई हैं।