अमरनाथ यात्रा के बालटाल ट्रैक पर करीब 16000 फीट की ऊंचाई पर स्थापित संगम टॉप डिस्पेंसरी पर तैनात चिकित्सा टीम की राशन न मिलने से हालत खराब हो रही है। इस
केंद्र पर दूसरी शिफ्ट में दस दिन पहले राजस्थान, यूपी और स्थानीय स्तर से सात सदस्यों का चिकित्सा स्टाफ लगाया गया था। स्टाफ का कहना है कि पर्याप्त राशन न होने से उन्हें भूखे ही सोना पड़ रहा है। राशन की क्वालिटी उचित न होने से कई सदस्यों को डायरिया, डिसेंट्री की शिकायत हुई है। लेकिन उनकी कोई सुध नहीं ली गई है।
केंद्र पर तैनात जयपुर (राजस्थान) निवासी एमओ डॉ. प्रशांत, रायबरेली (यूपी) निवासी महेंद्र गुप्ता ने अमर उजाला को बताया कि करीब पांच दिन पहले राशन की सूची अधिकारियों
को भेजी गई थी। लेकिन कोई राशन नहीं पहुंचा है। मैदे की चपाती खाने से कई सदस्यों की तबीयत खराब हुई है। इसके बाद सीमित आशीर्वाद आटा भेजा गया जो खत्म हो गया।
किसी तरह के मसाले नहीं है, जिससे सब्जी बनाई जा सके। डिस्पेंसरी से करीब पांच किमी. दूर भंडारा है, जिससे वहां रोजाना जाना मुमकिन नहीं है। शौचालय की भी उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे पिछले सात दिन से किसी सदस्य ने स्नान नहीं किया है। उन्होंने बताया कि देशभर के चिकित्सा संस्थानों से उनकी अमरनाथ यात्रा में तैनाती की गई थी और उन्हें अभी अगस्त तक ड्यूटी देनी है। सिलेंडर, चूल्हे हैं, लेकिन उन पर पकाने के लिए राशन ही नहीं है।
केंद्र पर राशन भेजा गया है: नोडल ऑफिसर
नोडल ऑफिसर बीएमओ शब्बीर के अनुसार संगम टाप पर राशन, सब्जी भेज दी गई है। मंगलवार को बारिश के कारण ट्रैक बंद होने से थोड़ी दिक्कत आई है। लेकिन सारी सप्लाई
शीघ्र डिस्पेंसरी तक पहुंच जाएगी।