बढ़ते तापमान और ऊपर से बिजली और पानी की मांग और उपलब्धता में भारी अंतर के चलते हाहाकार मचना शुरू हो गया है। लोग सड़क पर उतरने ही लगे हैं। इसके अलावा विभागों के लिए मांग को पूरा करना भी मुश्किल भरा हो गया है। आने वाले दिनों में भी स्थिति से राहत मिलने के फिलहाल संकेत नहीं हैं।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रियासत में बिजली की मांग और उपलब्धता में पहले ही एक हजार मेगावाट से ज्यादा का अंतर चला आ रहा है। मौजूदा समय में बिजली की मांग 2600 मेगावाट के भी पार पहुंच चुकी है, जबकि उपलब्धता 1500 से 1600 मेगावाट के बीच ही है।
इसी तरह जम्मू शहर में पेयजल की मांग बढ़कर 46 मिलियन गैलन डेली तक पहुंच चुकी है, जबकि उपलब्धता 42.5 मिलियन गैलन प्रतिदिन ही है। इसके अलावा पानी की आपूर्ति का पूरा सिस्टम बिजली पर निर्भर करता है। बिजली की सप्लाई सुचारु रहे तो ही पीएचई विभाग पंपिंग के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति कर पाने में सक्षम है।
बिजली कटौती बढ़ने से पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ने लगा है।