उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के माछिल सेक्टर में मंगलवार को सेना के एक कैंप में आग लग जाने से भारी नुकसान हुआ है। 10 बैरकें जलकर खाक हो गईं। तीन जवान आग बुझाने के दौरान झुलस गए। कुछ गोला बारूद तथा तेल के टैंकर भी आग की चपेट में आने की सूचना है। हालांकि, इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
मछिल सेक्टर की हमार गली में स्थित सेना की 45 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के हेडक्वार्टर में मंगलवार दोपहर करीब दो बजे एक बैरक में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने साथ की बैरकों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि चिंता की बात यह रही कि कैंप में हथियार, गोला बारूद और तेल के टैंकर मौजूद थे। समय रहते कड़ी मेहनत के बाद हथियार और गोला बारूद को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया लेकिन तब तक काफी बैरक आग की चपेट में आ गईं।
सेना के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि आग से साजो सामान का नुकसान हुआ है। किसी प्रकार के जानी नुकसान की खबर नहीं है। आग पर काबू पा लिया गया है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। साथ ही आग लगने के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।
धमाकों की सुनाई दी आवाज
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि आग को काबू करने के दौरान कई जोरदार धमाके भी सुने गए। इससे पता चलता है कि कुछ गोला बारूद और तेल के टैंकर भी आग की चपेट में आ गए। पहाड़ी इलाका होने के कारण दमकल की गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंच पाईं। इस वजह से सेना को आग पर काबू पाने के दूसरे विकल्प ढूंढने पड़े।