श्रीनगर में वर्ष 2010 में हुई पत्थरबाजी और वर्ष 2008 के अमरनाथ भूमि विवाद का मास्टरमाइंड और कश्मीरी अलगाववादी मसर्रत आलम जब जेल में कैद था तब भी उसे पाकिस्तान की ओर से मेहमान बनने का न्योता मिलता रहता था।
इस बार भी राष्ट्रीय दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग की ओर से हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं के साथ हाल ही में जेल से छूटे मर्सरत आलम को भी निमंत्रण भेजा गया था।
हालांकि रिहाई के बाद घाटी से लेकर दिल्ली तक मचे विवाद के चलते उसे पाक उच्चायोग आने की इजाजत नहीं मिली। हालांकि मर्सरत की गैरमौजूदगी को उसकी सेहत का सही नहीं होना बताया जा रहा है।