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जम्मू-कश्मीर में सरकार के खिलाफ सत्ता और विपक्ष के विधायक हुए एक, जानें क्या है वजह?

Thu, 26 Jan 2017 12:24 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
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जम्मू कश्मीर के सीएम और ड‌िप्टी सीएम - फोटो : फाइल फोटो
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फिल्म दंगल में कठोर अनुशासन वाले पिता को दो बेटियों ने सेहत के लिए हानिकारक बताया था, लेकिन, जम्मू कश्मीर में सत्तापक्ष के ही कई विधायक उपेक्षा के कारण अपनी ही सरकार के मंत्रियों को रियासत के लिए हानिकारक बता रहे हैं। विधानसभा सत्र के दौरान कई बार सत्तापक्ष के विधायकों ने मंत्रियों के उत्तर पर असंतोष जाहिर किया।
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कुछ विधायकों ने उपेक्षा को मुद्दा बनाकर सदन से वाकआउट भी किया। पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को अब विपक्ष के अलावा अपने ही विधायकों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है। सत्तापक्ष के असंतुष्ट विधायक स्पीकर और डिप्टी स्पीकर से सरकार को निर्देश देने की गुहार लगाने लगे हैं। वैसे विपक्ष में भी आपसी खींचतान सामने आई है।

नेकां के विकार रसूल ने अपने ही दल से डिप्टी स्पीकर नजीर गुरेजी पर सदन में आरोप लगाया कि गुरेजी उनकी तरक्की से जलते हैं, इसलिए बोलने का समय नहीं देते। मुफ्ती मोहम्द सईद के मुख्यमंत्रित्वकाल में पीडीपी कोटे से मंत्री रहे विधायक जावेद मुस्तफा मीर अब सरकार के कई फैसलों से नाराज नजर आते हैं। सदन में उन्होंने कई बार इसका इजहार भी किया है। 
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मुद्दे उठाने के लिए समय नहीं मिलने के कारण सदन से वाकआउट

जम्मू-कश्मीर व‌िधानसभा - फोटो : फाइल फोटो
मंगलवार को उन्होंने अपने ही दल के कोटे से मंत्री बने विधि एवं न्याय मंत्री अब्दुल हक खान के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस डिप्टी स्पीकर को थमा दिया। भाजपा विधायक राजीव जसरोटिया ने क्षेत्र के मुद्दे उठाने के लिए समय नहीं मिलने के कारण सदन से वाकआउट किया। उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब सदन में बोलने का मौका ही नहीं मिले तो यहां बैठने का फायदा क्या है।

विधायक गगन भगत ने जम्मू में कृत्रिम झील के निर्माण कार्य पर अपनी ही पार्टी की मंत्री प्रिया सेठी के दावों को सदन में चुनौती देते हुए वाकआउट किया। विधायक रवींद्र रैना सदन की बैठकें कम करने के सरकार के निर्णय से असहमत दिखे।

विधायक सतपाल शर्मा ने बार्डर-एलओसी के गोलाबारी में मारे जाने लोगों के परिजनों को केंद्र के फैसले के बावजूद बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। विधान परिषद में भाजपा सदस्य रमेश अरोड़ा स्वास्थ्य महकमे में अव्यवस्था पर अक्सर बरसते रहे हैं। यह महकमा उनकी ही पार्टी के मंत्री बालि भगत के पास है। 
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