फिल्म दंगल में कठोर अनुशासन वाले पिता को दो बेटियों ने सेहत के लिए हानिकारक बताया था, लेकिन, जम्मू कश्मीर में सत्तापक्ष के ही कई विधायक उपेक्षा के कारण अपनी ही सरकार के मंत्रियों को रियासत के लिए हानिकारक बता रहे हैं। विधानसभा सत्र के दौरान कई बार सत्तापक्ष के विधायकों ने मंत्रियों के उत्तर पर असंतोष जाहिर किया।
कुछ विधायकों ने उपेक्षा को मुद्दा बनाकर सदन से वाकआउट भी किया। पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को अब विपक्ष के अलावा अपने ही विधायकों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है। सत्तापक्ष के असंतुष्ट विधायक स्पीकर और डिप्टी स्पीकर से सरकार को निर्देश देने की गुहार लगाने लगे हैं। वैसे विपक्ष में भी आपसी खींचतान सामने आई है।
नेकां के विकार रसूल ने अपने ही दल से डिप्टी स्पीकर नजीर गुरेजी पर सदन में आरोप लगाया कि गुरेजी उनकी तरक्की से जलते हैं, इसलिए बोलने का समय नहीं देते। मुफ्ती मोहम्द सईद के मुख्यमंत्रित्वकाल में पीडीपी कोटे से मंत्री रहे विधायक जावेद मुस्तफा मीर अब सरकार के कई फैसलों से नाराज नजर आते हैं। सदन में उन्होंने कई बार इसका इजहार भी किया है।