कांग्रेस ने श्रीनगर में आईएसआईएस और पाकिस्तान के झंडे लहराने की निंदा करने के साथ ही मोदी सरकार पर गलत नीतियों के साथ पाकिस्तान से निपटने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा है कि पाकिस्तान विश्वास करने लायक नहीं है, इसीलिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने दस साल के कार्यकाल में पाकिस्तान नहीं गए।
कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने भाजपा से पूछा है कि सिर्फ राष्ट्रवाद के नारे होंगे या सच में राष्ट्र को बचाने के लिए सरकार सचमुच कार्रवाई करेगी। पार्टी ने कहा कि कोई उचित कार्रवाई नहीं हो रही है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि ईद के मौके पर पड़ोसियों के साथ ईद मनाई जाती है। मगर पड़ोसी बमबारी कर रहा है। आजाद ने कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों की वजह से देश को यह झेलना पड़ा है।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पिछले 15 महीनों में 800 से ज्यादा संघर्ष विराम उल्लंघन के मामले हुए हैं। सिंह ने कहा कि पूरा देश जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान और आईएसआईएस के झंडे लहराते हुए देख रहा है। भाजपा इसे लेकर खामोश क्यों है।
कांग्रेस इन मुद्दों को संसद के दोनों सदनों में उठाने की तैयारी कर रही है। पिछले हफ्ते कांग्रेस अध्यक्ष के निवास पर हुई पार्टी के शीर्ष नेताओं की बैठक में रणनीति बनी है कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर घेरा जाए।