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Jammu Kashmir: धरती को बेहतर बनाकर अगली पीढ़ी को सौंपें, बोले- एलजी मनोज सिन्हा

Sun, 19 Jul 2026 04:31 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बारामुला के सर्वधर्म सम्मेलन में कहा कि प्रकृति का संरक्षण हर नागरिक का आध्यात्मिक कर्तव्य है और धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर बनाकर छोड़ना हमारी जिम्मेदारी है।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि प्रकृति का संरक्षण हर नागरिक का आध्यात्मिक कर्तव्य है।  वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को बेहतर और सुरक्षित बनाकर छोड़े।

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बारामुला में आयोजित सर्वधर्म सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। हमारे पूर्वजों और ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पहले ही नदियों को मां, वृक्षों को जीवनदाता और धरती को मातृशक्ति के रूप में सम्मान देने की शिक्षा दी थी।

धरती को बेहतर बनाकर अगली पीढ़ी को सौंपना हमारी जिम्मेदारी
उपराज्यपाल ने कहा कि जब हम इस दुनिया से जाएं, तो कोशिश होनी चाहिए कि धरती को पहले से बेहतर स्थिति में अगली पीढ़ी के लिए छोड़कर जाएं। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवन का नैतिक और आध्यात्मिक दायित्व मानने का आह्वान किया।

सनातन परंपरा देती है शांति और सहअस्तित्व का संदेश
मनोज सिन्हा ने कहा कि सनातन परंपरा में यज्ञ निस्वार्थ सेवा, त्याग और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य विश्व शांति और मानव कल्याण है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया विभाजन और संघर्ष की चुनौतियों का सामना कर रही है, तब बारामूला की पावन भूमि से उठ रही प्रार्थनाएं तथा वेदों और भगवद्गीता का संदेश पूरी मानवता को शांति, सद्भाव और सहअस्तित्व की प्रेरणा देता है।

हर व्यक्ति में ईश्वर का स्वरूप देखने की सीख देती है भारतीय संस्कृति
उपराज्यपाल ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा हमें हर व्यक्ति में ईश्वर का स्वरूप देखने की सीख देती है। यह परंपरा भाषा, क्षेत्र, जाति और रीति-रिवाज के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करती। उन्होंने कहा कि भारत वह भूमि है, जहां सभी धर्मों और आस्थाओं को सम्मान और विकास का अवसर मिला है।
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